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Interview : नए डीन डाक्टर मनोज इंदुरकर बोले, मरीजों के बीच में रहा हूं उनका दर्द समझता हूं

डॉ. मनोज इंदुरकर, डीन मेडिकल कालेज Rewa

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रीवा

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Mrigendra Singh

Mar 22, 2023

rewa

SS Medical college dean Dr Manoj Indurkar rewa

Dr Manoj Indurkar Rewa :
रीवा। मेडिकल कालेज में डीन का प्रभार लेने के बाद डॉ. मनोज इंदुरकर ने 'पत्रिका' से बात करते हुए कहा कि वह खुद वर्षों से मरीजों को सेवाएं देते रहे हैं। हर दिन वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलते हैं, उनके और परिजनों की भावनाओं को समझते हैं। इसलिए पूरा प्रयास रहेगा कि अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जिन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन पर भी सुधार किया जाएगा और शासन की योजनाओं का लाभ त्वरित मिले इसके भी प्रयास होंगे। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल- चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, इसके लिए क्या प्राथमिकताएं होंगी ?
जवाब- मरीजों की सुविधा ही फोकस में रहेगी। इसके लिए खाली पदों को भरेंगे। बेहतर इलाज हो और शासन की योजनाओं का लोगों को लाभ मिले। साथ ही डाक्टर्स, छात्र और कर्मचारियों की मांगें भी पूरी होंगी।
सवाल- नए वायरस आ रहे हैं, जीनोम सिक्वेंसिंग की व्यवस्था कब तक में होगी ?
जवाब- कोविड के बाद कई नए वायरस सक्रिय हुए हैं, उनकी पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग रीवा में हो, इसके लिए पहले भी पत्राचार हुए हैं। रीवा बड़ा सेंटर है, इसलिए प्रयास होगा यह जांच शुरू हो।
सवाल- अस्पताल में मरीजों के परिजनों के साथ विवाद से खराब हो रही छवि को कैसे सुधारेंगे ?
जवाब- मरीजों के बीच में ही रहता हूं, उनकी भावनाएं समझता हूं। प्रयास होगा कि ऐसी स्थिति ही निर्मित नहीं हो। डाक्टर्स और कर्मचारियों की काउंसिलिंग भी शुरू करेंगे और उनसे अपील करेंगे कि हर समय अपना व्यवहार सकारात्मक रखें, ताकि मरीज धन्यवाद देकर जाएं।
सवाल- विधायकों ने व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, इस पर क्या योजना है?
जवाब- अभी ज्वाइन किया है, व्यवस्थाओं को देखेंगे जहां कमियां होंगी उन पर सुधार होगा।
सवाल- ओपीडी और वार्ड में सीनियर डाक्टर्स की पर्याप्त सेवाएं नहीं मिलती, कैसे सुधार होगा?
जवाब- अधीक्षक के स्तर पर निगरानी होती है, सबसे बात करेंगे कि अच्छी सेवा देकर रीवा का नाम आगे करें।
सवाल- बीमारियों पर रिसर्च घटे हैं, इसको लेकर क्या योजना है?
जवाब- रिसर्च के 21 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आईसीएमआर से संपर्क लगातार बना है। जल्द ही इसके परिणाम सामने आएंगे। जिसका लाभ मरीजों को मिलेगा।
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विधानसभा की सख्ती के बाद प्रबंधन बदला, अब व्यवस्था में सुधार बड़ी चुनौती
रीवा। श्यामशाह मेडिकल कालेज और संजयगांधी अस्पताल में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं का मामला विधानसभा में उठा तो प्रबंधन के दोनों प्रमुख पदों में बदलाव कर दिए गए। एक दिन पहले विधानसभा में कई गंभीर सवाल उठाए गए थे। जिसके चलते शासन के स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मेडिकल कालेज के नए डीन के रूप में नियुक्त किए गए डॉ. मनोज इंदुरकर ने पदभार ग्रहण कर लिया। इसके साथ ही संजयगांधी अस्पताल के संयुक्त संचालक का प्रभार डॉ. राहुल मिश्रा ने संभाला। मेडिकल कालेज और अस्पताल के प्रबंधन से जुड़े दोनों पद अहम हैं। सरकार ने आरोप लगे तो प्रबंधन में बड़ा बदलाव कर दिया है लेकिन अब प्रबंधन के नए जिम्मेदार व्यवस्था में कितना बदलाव कर पाएंगे, यह सवाल बना हुआ है। लंबे समय से संजयगांधी अस्पताल और गांधी स्मारक अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायतें की जा रही हैं। इसको लेकर शिकायतें भी आईं लेकिन प्रबंधन लगातार उदासीनता बरतता रहा। जिसकी वजह से सत्ताधारी दल के विधायकों को ही मजबूर होकर आवाज उठानी पड़ी।
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अपने हिसाब से प्रबंधन चला रहे थे सारस्वत
मेडिकल कालेज के डीन रहे देवेश सारस्वत अपने हिसाब से व्यवस्था का संचालन करते रहे हैं। उन पर कई गंभीर आरोप पहले भी लगे थे। लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए बाबू को पकड़ा था जिसने कहा था कि डीन को भी देना पड़ेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण की वजह से तत्कालीन डीन सारस्वत पर कोई आंच नहीं आई। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट एवं सामग्री खरीदी में भी सवाल उठते रहे हैं। विधायकों ने भोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे।