
Story of Rewa chirahula mandir chirahula nath chirahula temple history
रीवा। कलयुग के देवता बजरंग बली न्यायाधीश की तरह अपने भक्तों की समस्याएं सुनते हैं और उनके कष्टों को दूर करते हैं। बकायदे उनकी अदालत चलती है। यह बात सुनने में अजीब अवश्य लग रही है लेकिन पूरी तरह सत्य है कि रीवा में भी हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट स्थित है। जिनके न्यायधीश खुद बजरंगबली है।
रीवा के तीन ऐतिहासिक मंदिरों को अदालत का दर्जा प्राप्त है। चिरहुला मंदिर को जिला कोर्ट, राम सागर मंदिर को हाई कोर्ट व खेम सागर मंदिर को सुप्रीम कोर्ट के नाम से जाना जाता है। जिन भक्तों की पीड़ा जिला न्यायालय में दूर नहीं होती है तो वे हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा सकते हैं।
ये है मान्यता
ऐसी मान्यता है कि इन मंदिरों की स्थापना आज से 500 वर्ष पूर्व चिरौल दास बाबा ने किया था जिनके नाम से चिरहुला मंदिर विख्यात है। तीनों मंदिर एक ही दिशा में स्थापित किए गए थे। चिरहुला मंदिर तालाब के किनारे स्थित है जबकि राम सागर मंदिर व खेम सागर मंदिर तालाब में स्थित है। शहर के ये तीनों मंदिर काफी चर्चित है। इसीलिए सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहता है।
पानी के ऊपर पैदल चल है भगवान
चिरौल दास बाबा के बारे में ऐसी मान्यता है कि वे पानी के ऊपर पैदल चल कर तालाब पार करते हैं। चिरहुला मंदिर के पुजारी डूडू महाराज का कहना है कि सभी भक्तों की मनोकामना जिला न्यायालय ने ही पूरी हो जाती है और हाई कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में बहुत कम अर्जी जाती है। यही कारण है कि सबसे ज्यादा भीड़ चिरहुला मंदिर में ही होती है।
Published on:
19 Apr 2019 04:47 pm
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