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Rewa ; सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पहली बार बीएमडब्ल्यू सर्जरी हुई

- हार्ट रोग की समस्या के चलते छात्रों को उपचार के लिए लाया गया था अस्पताल

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रीवा

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Mrigendra Singh

Jan 04, 2022

rewa

super speciality hospital rewa, heart operation


रीवा। विंध्य क्षेत्र और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा की पहली बीएमडब्ल्यू(बैलून मिट्रल वाल्बोटॉगी) सर्जरी का सफल आपरेशन हुआ। साल की शुरूआत में ही चिकित्सकों ने यह आपरेशन सफलता पूर्वक करते हुए क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया है कि यहां पर अब हर तरह के इलाज संभव हंै। हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी के नेतृत्व में अस्पताल के चिकित्सकों ने इस आपरेशन को सफल किया।
कक्षा 11वीं में पढऩे वाली छात्रा कंचन साकेत कुछ दिनों पहले सांस फूलने और जल्दी थक जाने की शिकायत लेकर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओपीडी में आई थी। जिनकी ईसीजी परीक्षण से एक वाल्व के सिकुड़े होने की संभावना लगी। मरीज की तुरंत इको जांच करके यह पुष्टि की गई की वाल्व अपने नॉर्मल साईज से बहुत ज्यादा सिकुड़ चुका है। वाल्व सिकुडऩे का पता चलने के बाद मरीज को तुरंत भर्ती कराया गया और बैलून पद्धति से वाल्व को खोलने का प्लान किया गया। मरीज बहुत गरीब और आयुष्मान कार्ड धारक थी। इसलिए आयुष्मान से प्रोसीजर के लिए रजिस्टर करके बैलून अरेंज किया गया।
सारा हार्डवेयर अरेंज होने के बाद मरीज को कैथलैव शिफ्ट किया गया। इसकी जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसकी सफलता में डॉ. प्रदीप कुर्मी सहायक प्राध्यपाक एवं डॉ. लल्लन प्रताप सिंह सहायक प्राध्यापक कार्डियोलॉजी विभाग का सहयोग रहा। साथ ही कैथलैब टेक्नीशियन जयनारायण मिश्र, सत्यम, मनीष और सुमन तथा कैथलैब में कार्यरत स्टाफ नर्सों की भी अहम भूमिका रही। प्रोसिजर के उपरांत ही मरीज का ब्लड प्रेसर 88 से बढ़कर 110 और वाल्व एरिया 0.6 बढकर 1.6 हो गया। मरीज के सांस फूलने और जल्दी थक जाने के जो लक्षण थें वो पूरी तरह से ठीक हो गये। अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा डॉ. अक्षय श्रीवास्तव द्वारा बताया गया विध्य क्षेत्र में सिकुड़े हुए वाल्व के कई मरीज हैं जोकि इलाज के अभाव में अपनी जान गवाते है। यह प्रोसिजर स्टार्ट होने से सिकुड़ हुए वाल्व के मरीजों की जान बचाई जा सकेगी और उनकी क्वालिटी ऑफ लाईफ भी इंप्रूव होगी।
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