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आगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार सप्लाई ठप, आगे भी कुछ समय तक बनी रहेगी समस्या

- महिला बाल विकास विभाग ने रीवा की टेकहोम राशन सप्लाई को जारी कर दिया था आदेश- रीवा में प्लांट का निर्माण अधूरा होने से नहीं हुई सप्लाई, अब फिर विभाग ने भोपाल से सप्लाई कराने लिखा पत्र

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रीवा

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Mrigendra Singh

Feb 29, 2020

rewa

Supply of nutritious food in Anganwadi centers has come to a standstill, problem will continue for some time,Supply of nutritious food in Anganwadi centers has come to a standstill, problem will continue for some time,Supply of nutritious food in Anganwadi centers has come to a standstill, problem will continue for some time,Supply of nutritious food in Anganwadi centers has come to a standstill, problem will continue for some time

रीवा। जिले के आगनबाड़ी केन्द्रों में इनदिनों पोषण आहार समाप्त होता जा रहा है। पूर्व से जहां पर इसकी सप्लाई हुई थी, वह अब तक चला है लेकिन आगे की सप्लाई का कार्य ठप हो गया है। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की भी यही स्थिति है। जिले भर से आई शिकायतों के बाद अब विभाग ने इस समस्या से शासन को अवगत कराया है और मांग उठाई है कि निर्धारित समय पर पोषण आहार की सप्लाई आगनबाड़ी केन्द्रों तक पहुंचाई जाए।

पोषण आहार की ठप हुई सप्लाई व्यवस्था को बहाल होने में अभी कुछ दिनों का समय लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसकी वजह से महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय ने केन्द्रों में होने वाली समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि समय पर पोषण आहार की उपलब्धता हो ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। फरवरी महीने का आवंटन तो पहले ही हो गया था लेकिन मार्च महीने के लिए भी सामान्य तौर पर अब तक केन्द्रों तक पोषण आहार पहुंच जाना चाहिए लेकिन कार्यकर्ताओं को अब तक कोई आधिकारिक सूचना ही नहीं पहुंची है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने और वहां की वस्तु स्थिति के बारे में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने की जवाबदेही सेक्टर सुपरवाइजरों की है लेकिन इनकी ओर से ऐसा नहीं किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय तक दूसरे माध्यमों से आई सूचना के बाद अब शासन को पत्र भेजा जा रहा है।

- टेक होम राशन का प्लांट अभी अधूरा, इसलिए सप्लाई नहीं
रायपुर कर्चुलियान के नजदीक टेकहोम राशन बनाए जाने के लिए प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसका निर्माण अभी अधूरा है, जिसकी वजह से यहां पर पोषण आहार व अन्य सामग्री का निर्माण नहीं हो पा रहा है। अब तक जिले में पोषण आहार की सप्लाई की जिम्मेदारी भोपाल की संस्था को थी। लेकिन मार्च महीने की सप्लाई का आर्डर आजीविका मिशन को दिया गया। यहां पर अब जानकारी दी गई है कि प्लांट का निर्माण ही पूरा नहीं हुआ है, जिसकी वजह से पोषण नहीं बनाया जा सकता। विभाग को जानकारी मिलने पर अब शासन को पत्र भेजा गया है कि भोपाल स्तर से ही पहले की तरह सप्लाई की व्यवस्था बनाई जाए। माना जा रहा है कि मार्च महीने का पोषण आहार पहुंचने में अब करीब दो सप्ताह तक का समय लग सकता है। जानकारी दी गई है कि हर आगनबाड़ी केन्द्र को छह से आठ बोरी खाद्यान्न मिलता है।

- डेढ़ लाख से अधिक हितग्राहियों को वितरित करने का दावा
महिला एवं बाल विकास विभाग के फरवरी महीने की रिपोर्ट के अनुसार छह माह से तीन वर्ष तक के ब"ाों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सर्वेक्षित संख्या एक लाख 74 हजार 686 है। फरवरी में एक लाख 69 हजार 160 हितग्राहियों को टेक होम राशन के पोषण आहार का वितरण किया गया। वहीं तीन से छह वर्ष तक के ब"ाों एवं मंगल दिवस के हितग्राहियों की संख्या 1.26 लाख बताई गई है। इनमें से एक लाख सात हजार 621 हितग्राहियों को पोषण आहार का वितरण किया गया है।

- जिले में 3434 आगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन
रीवा जिले में 3434 आगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन हो रहा है। 15 परियोजनाओं के अधीन ये केन्द्र संचालित हो रहे हैं। जिसमें प्रमुख रूप से गंगेव-1 में 189, गंगेव-2 में 196, हनुमना एक में 243, हनुमना दो में 162, जवा में 279, मऊगंज में 313, नईगढ़ी में 319, रायपुर कर्चुलियान में 226, रायपुर कर्चुलियान दो में 126, रीवा ग्रामीण में 222, रीवा शहरी 183, रीवा-2 में 135, सिरमौर-1 में 288, सिरमौर-2 में 173, त्योंथर में 380 केन्द्र संचालित हैं। इसके साथ ही 568 मिनी आगनबाड़ी केन्द्र भी बनाए गए हैं।
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पोषण आहार की सप्लाई अभी तक भोपाल की संस्था द्वारा किया जाता रहा है लेकिन इस बार पहडिय़ा के प्लांट से सप्लाई का निर्देश जारी हो गया था। यहां का प्लांट अभी निर्माणाधीन है। इसलिए शासन को पत्र भेजा है कि जब तक यहां का प्लांट पूरा नहीं हो जाता तब तक पहले जैसे ही व्यवस्था जारी रखें। प्रयास है कि समय पर पोषण आहार पहुंचाया जाए।
प्रतिभा पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रीवा