
swiping machine in nagar nigam rewa
रीवा। शहर की सड़कों की सफाई के लिए नगर निगम द्वारा किराए पर लिए गए रोड स्वीपिंग मशीन की ठेका अवधि बढ़ाए जाने का आदेश निरस्त कर दिया है। बीते 1 अप्रैल को नगर निगम आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए दो नग रोड स्वीपिंग मशीनों की ठेका अवधि बढ़ाते हुए 1 अप्रैल से आगामी 6 महीने तक का आदेश जारी किया था। अब अचानक फिर से एक आदेश जारी कर पूर्व में बढ़ाई गई स्वीकृति को निरस्त कर दिया है। कहा जा रहा है कि राजनीतिक कारणों के चलते यह प्रक्रिया अपनाई गई है।
- आनलाइन निविदा का दिया था हवाला
पूर्व में 31 मार्च को ठेका कंपनी की ओर से उठाई में गई माग के चलते तत्काल आदेश जारी कर 2 नग रोड स्वीपिंग मशीनों का एक्सटेंशन किया गया था जिसमें तर्क था कि कोरोना संक्रमण की वजह से ऑनलाइन निविदा की प्रक्रिया नहीं हो रही है इस कारण आगामी सितंबर महीने तक स्वीपिंग मशीनों से शहर की सफाई कराई जाए। अब नए आदेश में भी कहा गया है कि ऑनलाइन निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसके चलते पूर्व में दिया गया आदेश निरस्त किया जा रहा है।
- 11 लाख रुपए महीने में लगता है किराया
इंटरनेशनल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई के साथ नगर निगम ने पूर्व में अनुबंध किया था जिसमें 11 लाख रुपए प्रति मशीन का किराया महीने में निर्धारित किया गया था। निगम ने चार मशीनें किराए पर ली थी इसलिए करीब 44 लाख रुपए का हर महीने भुगतान हो रहा था। निगम के पूर्व आयुक्त सभाजीत यादव ने इसकी समीक्षा कर दो मशीनें तत्काल वापस कर दी थी। स्वच्छता सर्वेक्षण की वजह से दो मशीनों को लिया गया था। इन मशीनों का कार्य शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है क्योंकि एक ओर लाखों रुपए इन्हें किराए पर भुगतान किए जाते रहे और सड़कों की सफाई निगम के सफाई कर्मचारियों से कराई जाती रही है।
- ..तो अफसरों की खींचतान के चलते जारी हुआ आदेश
प्रदेश से कांग्रेस की सत्ता जाते हैं नगर निगम में भी तेजी के साथ बदला हुए। शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर आयुक्त सभाजीत यादव को हटाने का आदेश जारी हुआ और जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा को प्रभार सौंपा गया। वर्मा ने ज्वाइन करते ही प्रभारी उपायुक्त अरुण मिश्रा को निलंबित कर दिया , साथ ही कई फेरबदल कर डाले। इसी बीच रोड स्वीपिंग मशीनों का एक्सटेंशन भी किया गया । सूत्रों की मानें तो निगम के अधिकारियों की आपसी खींचतान की वजह से कई आरोप भी लग रहे थे साथ ही इसकी जांच की मांग भी लगातार उठ रही थी। विवादों में घिरता मामला देख निगम के प्रभारी आयुक्त अर्पित वर्मा ने आदेश ही निरस्त कर दिया है। कहा जा रहा है कि कुछ अधिकारियों और कंपनी के बीच मिलीभगत के चलते बिना काम के भुगतान की भी तैयारी चल रही थी। जिस पर अब पानी भी फिर सकता है।
- नए सिरे से ठेका देने का काम अधर में
रोड स्वीपिंग मशीन के एक्सटेंशन का ठेका निरस्त कर दिया गया है लेकिन नए सिरे से ऑनलाइन ठेका करने की कोई प्रक्रिया अभी फिलहाल नहीं प्रारंभ हुई है और ना ही इस तरह के कोई संकेत दिए गए हैं। जब तक शहर की सड़कें साफ करने के लिए नई स्वीपिंग मशीनों का ठेका नहीं हो जाता तब तक के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई है फिलहाल निगम के सफाई कर्मचारी ही सड़कों की सफाई करेंगे।
- मशीन खरीदने की प्रक्रिया रही है विवाद में
नगर निगम ने आधुनिक रोड स्वीपिंग मशीन करीब 4 वर्ष पहले 1. 82 करोड रुपए में खरीदने की प्रक्रिया अपनाई थी। मशीन भी रीवा आ गई थी लेकिन उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि 1 दिन भी शहर की सफाई नहीं हो सकी । जिसके चलते विपक्ष ने सवाल उठाए और अफसरों को घेरा तो तत्कालीन आयुक्त ने उक्त खरीदी प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया था। निगम के तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय मिश्रा बाबा ने लोकायुक्त ने भी इसकी शिकायत कर रखी है।
Published on:
20 May 2020 09:41 pm
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