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सरकार की योजना के विरोध में उतरे अध्यापक, बुलाया गया प्रशिक्षण के लिए, करने लगे प्रदर्शन

शिक्षा विभाग के शिक्षकों में है रोष...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 17 Jul 2018, 2:43 PM IST

Teachers in Rewa protested against gov for M-shiksha mitra

Teachers in Rewa protested against gov for M-shiksha mitra

रीवा। स्कूल में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था इ-अटेंडेंस का पूरे जिले के अध्यापकों ने विरोध किया। संकुल स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए कई स्कूलों में जहां अध्यापकों ने पोस्टर बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन किया वहीं कुछ स्कूलों में अध्यापकों ने मौनधारण कर विरोध जताया। अध्यापकों ने शासन स्तर के आइएएस अधिकारियों पर एम-शिक्षामित्र की व्यवस्था को जबरन थोपने का आरोप लगाया। सोमवार को शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुरूप दो पाली में संकुल स्तर पर दो पालियों में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

इ-अटेंडेंस को बताया विसंगतिपूर्ण
इ-अटेंडेंट के विरोध को लेकर आजाद अध्यापक संघ की पूर्व योजना के मुताबिक अध्यापक शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक के स्कूलों में अपना रोष जताया। अध्यापकों ने कहा कि यह व्यवस्था न केवल अव्यवहारिक है बल्कि विसंगतिपूर्ण है। एक बार मुख्यमंत्री ने बोल क्या दिया शासन स्तर के अधिकारी स्कूलों में जबरन इस व्यवस्था को लागू करने पर तुले हुए हैं।

ग्रामीण अंचल में भी हुआ प्रदर्शन
संघ के प्रांतीय महासचिव राजीव तिवारी व जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला के नेतृत्व में शहर से लेकर गांव तक कई स्कूलों में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके जरिए अध्यापकों ने अन्य लंबित मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण अंचल के विद्यालयों में हुए विरोध प्रदर्शन में सेमरिया में धानेन्द्र सिंह, त्योंथर में आशीष मिश्रा, हनुमना में इंद्रमणि पटेल व गंगेव में जवाहर लाल तिवारी ने अध्यापकों में नेतृत्व किया। इसी प्रकार अन्य दूसरे क्षेत्रों में अलग-अलग अध्यापकों ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

अध्यापकों ने ये मांग भी की
- अध्यापकों को प्रत्येक महीने पहली तारीख को वेतन मिले।
- जल्द से जल्द सातवां वेतनमान के लिए आदेश किया जाए।
- शिक्षा विभाग संविलियन व लंबित एरियर भुगतान किया जाए।
- वेतन निर्धारण व कटौती को हर महीने खाते में डाला जाए।
- स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर बंधन मुक्त स्थानांतरण हो।

इ-अटेंडेंस के विरोध में यह तर्क
- मैनुअल रजिस्टर में हस्ताक्षर को नहीं मानना प्राचार्यों पर अविश्वास जताना
- यह व्यवस्था केवल शिक्षा विभाग पर क्यों, दूसरे विभागों के लिए क्यों नहीं
- स्कूल स्टॉफ को घर के नजदीकी विद्यालय में पदस्थ कर लागू करें व्यवस्था
- मोबाइल पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी अग्रिम रूप से उपलब्ध कराया जाए