
Teachers' posts are vacant
रीवा. नए शैक्षणिक सत्र में जिले की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी की भरपाई कर पाना विभागीय अधिकारियों के लिए मुश्किल बना हुआ है। जिले में 94 ऐसे स्कूल हैं जहां शिक्षकों की पदस्थापना नहीं है। वहीं 158 ऐसे स्कूल हैं जहां महज एक शिक्षक हैं। इसमें प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी सभी प्रकार की स्कूलें शामिल हैं।
इन स्कूलों में स्टॉफ की व्यवस्था करना एवं नियमित कक्षाएं संचालित करवा पाना विभागीय अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। शिक्षकों की इस कमी को अन्य स्कूलों के शिक्षकों को यहां अटैच कर पूरा किया जाता है लेकिन यह व्यवस्था महज औपचारिकता बनकर रह जाती है। अटैच शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से काम नहीं करते हैं।
इन ब्लॉकों की स्थिति ज्यादा खराब
शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक 16 ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं जिसमें एक भी शिक्षक नहीं हैं। 27 ऐसे माध्यमिक विद्यालय हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं। 33 हाई स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षक नहीं हैं। 18 हायर सेकंडरी स्कूल में भी शिक्षक नहीं हैं। रीवा ब्लाक में 11, रायपुर कर्चुलियान में 8 सिरमौर में 8, हनुमना में 18 ऐसे स्कूल हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं।
इसी प्रकार गंगेव में तीन, त्योंथर में 11, मऊगंज में 12, जवा 7 एवं नईगढ़ी में 16 ऐसे स्कूल हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं। बिना शिक्षकों के स्कूल में पढ़ाई कराना विभागीय अधिकारियों के लिए बेहद मुश्किल होता है। व्यवस्था के तौर पर अन्य स्कूलों से शिक्षकों को वहां अटैच किया जाता है। कई बार तो एक ही शिक्षक को दो स्कूलों की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी विभाग से सौंपी जाती है।
एक शिक्षकीय स्कूलों की संख्या ज्यादा
आंकड़ों के मुताबिक 132 माध्यमिक स्कूलें ऐसे हैं जहां महज एक शिक्षक पदस्थ हैं। इसी प्रकार 24 हाई स्कूल ऐसे हैं जहां महज एक शिक्षक हैं। दो हायर सेकंडरी स्कूलों में महज एक शिक्षक पदस्थ हैं। रीवा ब्लाक में 16 ऐसे स्कूलें हैं जहां महज एक शिक्षक पदस्थ हैं। इसी प्रकार हनुमना, सिरमौर एवं जवा ब्लाक में बड़ी संख्या में एक शिक्षकीय शालाएं हैं।
272 प्राथमिक स्कूलों में 22 से कम छात्र - छात्राएं
शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में 274 ऐसे स्कूलें हैं जहां 22 से कम छात्र -छात्राएं पंजीकृत हैं। रीवा ब्लाक में 59, रायपुर कर्चुलियान में 15, सिरमौर में 27, हनुमना में 26, गंगेव में 28, त्योंथर में 33 मऊगंज में 16 जवा में 33 एवं नईगढ़ी में 38 प्राथमिक स्कूलें ऐसी हैं जहां 20 से कम छात्रों का पंजीयन हुआ है। हालत यह है कि दो माध्यमिक स्कूलें ऐसी हैं जहां 10 से कम छात्र - छात्राओं का पंजीयन हो पाया है। इन स्कूलों में पहली कक्षा में महज एक - दो बच्चों ने प्रवेश लिया है।
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा पर जोर
नए शैक्षणिक सत्र में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा पर बेहद जोर दे रहा है। विशेषकर माध्यमिक कक्षाओं में पढऩे वाले छात्र - छात्राओं की योग्यता हर स्तर पर परखी जा रही है। इसे लेकर कलेक्टर ओम प्रकाश श्रीवास्तव भी बेहद दिलचस्पी ले रहे हैं।
इसके लिए उन्होंने कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें शिक्षकों की जबावदेही तय की जाएगी। यदि छात्र शैक्षणिक रूप से कमजोर है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक की जबावदेही होगी। उल्लेखनीय है कि प्रतिभा पर्व एवं टेस्ट के मिले परिणाम बेहद निराशाजनक हैं। ज्यादातर माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों से भाग एवं गुणा नहीं आ रहा है। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की है।
Published on:
16 Jun 2019 03:37 pm
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