13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्राचार्यों की लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे अध्यापक

सत्यापन के दौरान हुई लापरवाही...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Ajit Shukla

Sep 18, 2018

Teachers beat up school

Teachers beat up school

रीवा। अध्यापकों के राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन की प्रक्रिया में संकुल प्राचार्यों की ओर से जमकर लापरवाही की गई है। इसका खामियाजा अध्यापकों को प्रक्रिया से बाहर होकर भुगतना पड़ेगा। वर्तमान में जिला स्तरीय समिति की ओर से किए गए जा रहे सत्यापन की प्रक्रिया में कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है।

संकुलों में अध्यापकों का सही तरीके से नहीं हुआ सत्यापन
संविलियन की प्रक्रिया के तहत अध्यापकों की ओर से ऑनलाइन अपडेशन के बाद उसकी हॉर्डकॉपी संकुल में सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जाना था। अध्यापकों की ओर से प्रस्तुत हार्ड कॉपी का संकुलों में सही तरीके सत्यापन नहीं किया गया है। सत्यापन की हड़बड़ी में ज्यादातर अध्यापकों के रिकॉर्ड में सत्यापन की केवल खानापूर्ति कर उसे डीइओ कार्यालय के सुपुर्द कर दिया गया। नतीजा अब भारी संख्या में अध्यापक संविलियन की प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।

अध्यापकों के दस्तावेज का विवरण मूल रिकॉर्ड से नहीं मिल रहा
डीइओ कार्यालय के सूत्रों की माने तो संविलियन की सूची में उन अध्यापकों को शामिल नहीं किया जा रहा है, जिनके विवरण मूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। दस्तावेजों में मूल रिकॉर्ड के विवरण दुरुस्त करने की जिम्मेदार संकुल प्राचार्यों की रही है। सत्यापन के दौरान उनकी ओर से विवरण दुरुस्त किए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजा त्रुटिपूर्ण दस्तावेज जिला स्तरीय समिति के पास पहुंच गए। जिससे उनके बाहर होने की नौबत आ गई है।

बाहर होने वालों में केवल न्यायालयीन मामलों को शामिल करने का है निर्देश
शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक संविलियन की प्रक्रिया से केवल उन अध्यापकों को बाहर किया जाना था, जो न्यायालय में लंबित हैं या फिर जिन पर कार्रवाई की गई है। जांच प्रक्रिया में चल रहे अध्यापकों को भी अभी प्रक्रिया में शामिल नहीं करना है। इससे इतर वह अध्यापक भी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं, जो योग्य है। उनके बाहर होने का कारण सही तरीके से प्रक्रिया का पूरा नहीं किया जाना है।