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भाजपा महिला विधायक ने अपने ही मंत्री पर लगाया सनसनीखेज आरोप, कहा- उनको और उनके पति को जान का खतरा

आईजी को बताया उद्योग मंत्री के दबाव में काम कर रहे पुलिस अधीक्षक, मांगी सुरक्षा

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The BJP MLA accused the sensational charge on her own minister

The BJP MLA accused the sensational charge on her own minister

रीवा. भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने मंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मंत्री के दबाव में पुलिस मुझे व मेरी पति जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा को फंसा रही है। विधायक ने पुलिस से जान का खतरा बताते हुए सोमवार को आइजी उमेश जोगा को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद अमहिया में पत्रकारवार्ता में उन्होंने मंत्री पर कई आरोप लगाए।


विधायक ने कहा, मंत्री के दबाव के कारण ही सेमरिया में दलित परिवार को न्याय दिलाने पहुंचे जिला पंचातत अध्यक्ष पर पुलिस ने टीआइ के ऊपर हमला करने का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज की है। मामले में 24 जून को बड़ी संख्या में पुलिस गिरफ्तारी करने रेलवे स्टेशन भी पहुंची थी। घटना को लेकर विधायक ने आइजी से मिलकर चर्चा की। आइजी उमेश जोगा ने विधायक को बताया कि एसपी ने जानकारी दी है कि 22 जून को जीत रेसीडेंसी में बैठक हुई थी। इसमें रीवा बंद कराने का निर्णय लिया गया था। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को लेकर मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए बल गया था। इस पर विधायक ने आइजी को बताया कि सेमरिया टीआई ने अभय मिश्रा द्वारा मारपीट करने की जानकारी नहीं दी है। इसके बावजूद मंत्री के दबाव में पुलिस ने एफआइआर में नाम लिखा है, वहीं 22 जून को अभय मिश्रा रीवा में नहीं थे। बाहर थे और वहां से आने के बाद सीधे भोपाल चले गए।

patrika IMAGE CREDIT: patrika

अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाने से मंत्री नाराज
विधायक ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र सेमरिया में अवैध उत्खनन मंत्री के सरंक्षण में हो रहा है। इसका मुद्दा उठाने पर मंत्री नाराज हंै। वहीं मेरे पति से राजनैतिक प्रतिद्वंदता के कारण उन्हें अपराधिक मामले में जानबूझकर फं साया गया है। मामले में एसपी उनके इशारे पर काम कर रहे हंै। यही कारण है कि तीन दिन पहले ही अवकाश से लौटकर मेरे पति पर अपराधिक मामला दर्ज कर लिया है जबकि पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं है। विधायक ने कहा कि यह मामला वह विधानसभा में भी उठाएंगी। वहीं इस मामले में मंत्री राजेन्द्र शुक्ल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


अपराधी नहीं जनप्रतिनिधि हैं...
विधायक कहा, मेरे पति कोई अपराधी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि हैं। जनप्रतिनिधि होने के कारण क्षेत्र की जनता और उनके मुद्दे उठाना जरूरी है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अपने क्षेत्र में दलित से मारपीट की एफआइआर नहीं लिखने और दूसरे दिन उसका शव मिलने पर परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए आगे आए। लेकिन मामले में पुलिस ने उन पर ही अपराधिक मामला दर्ज क र लिया है। जबकि अपराधी जहां खुले घूम रहे हैं वहीं मेरे पति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है।


स्थानीय मंत्री पर विधायक के बड़े आरोप
सेमरिया विधायक नीलम मिश्रा ने स्थानीय मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ इसके पहले कई बार प्रदेश संगठन मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक शिकायत कर चुकी हैं। लेकिन संगठन ने उन्हें हर बार समझाईश देकर मामला शांत कर दिया।


यह लगाए आरोप
* फरवरी 2017 को विधायक ने आरोप लगाया था कि स्थानीय मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध रुप से कब्जा जमा रखा है। इतना ही नहीं सेमरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर में पटपरी नाला के 4 एकड़ जमीन में फर्म हाऊस बना रखा है। इस संबंध में जांच कराने को कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।


* दिसम्बर 2016 में सिरमौर चौराह स्थित उसके शांपिग काम्लेक्स को अवैध घोषित करवा कर 20 लाख रुपए जुर्माना जमा करवा गया है। इस मामले पर भी विधायक ने स्थानीय मंत्री पर बड़ा हमला बोला था।


* दिसम्बर 2017 में सेमरिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत दादर, तिहरा में चरनोई भूमि को मंत्री के निज सहायक एवं रिश्तेदारों को आंवटित करने का आरोप सेमरिया विधायक ने लगया था। उनका कहना था कि स्थानीय मंत्री के दबाव में कलेक्टर ने चरनोई भूमि नियम विरुद्ध तरीके से आवंटित की है।


* मई 2018 में महिला भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री व प्रदेश सगठंन मंत्री को पत्र लिखा था कि स्थानीय मंत्री के दबाव में भाजपा रीवा में प्राइवेट कंपनी की तरह काम कर रही है। यहां तक कि सेमरिया क्षेत्र में उनके द्वारा स्वीकृत कार्यो के भूमि पूजन व लोकार्पण में नहीं बुलाया जाता।


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महिला भाजपा विधायक अपने पति की गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर ज्ञापन देने आई थी। इसमें उन्होंने सेमरिया में दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कराने व पति व परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई है। 22 जून को एक बैठक का आयोजन किया था जिसमें रीवा बंद एवं धरना प्रदर्शन की योजना बनाने की सूचना मिली थी। इसी मामले और सेमरिया में दर्ज मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा के खिलाफ एक्शन लिया गया।
- उमेश जोगा, आईजी रीवा