
This plan will reduce the cost of your kitchen know what is this
रीवा। कृषि संबंधित विभिन्न योजनाओं के साथ किसानों के लिए बायोगैस प्लांट में भी अनुदान की योजना शुरू की गई है। किसानों को प्लांट लगाने में 50 फीसदी से अधिक राशि अनुदान के रूप में मिल जाती है। इससे किसान कम लागत में घरेलू गैस सिलेंडर से घर का बजट पर पडऩे वाले प्रभाव से बच सकता है।
दोनों सरकार से मिलेगा अनुदान
पशुपालक किसानों को रसोई के खर्च से राहत देने के लिए इस योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार दोनों मिलकर अनुदान देती हैं। कृषि विभाग के उपसंचालक एसके माहोर व एमपी एग्रो के शाखा प्रबंधक यूआर सिंह के मुताबिक, जिले को वर्तमान वित्तीय वर्ष तक के लिए 60 प्लांट का लक्ष्य मिला है।
आठ प्लांट का निर्माण कार्य है शुरू
एमपी एग्रो के शाखा प्रबंधक यूआर सिंह के मुताबिक अब तक करीब आठ प्लांट के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक दो घन मीटर क्षमता वाले प्लांट की लागत 17 से 18 हजार रुपए तक होती है। गौरतलब है कि एमपी एग्रो के पास अब अनुदान की केवल यही योजना बची है। बाकी योजनाएं डायरेक्ट बेनीफिट से जुड़ गई हैं। इसलिए एमपी एग्रो का इस अधिक ध्यान केंद्रीत है।
एक नहीं प्लांट के कई फायदे
उपसंचालक एसके माहोर के मुताबिक बायोगैस के प्लांट से रसोई में एलपीजी का खर्च कम होता ही है। साथ ही इससे पर्यावरण की प्रदूषण का खतरा कम होता है। प्लांट से निकलने वाले गोबर खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिससे नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश जैसे पोषक तत्व खेत के पौधों को मिलता है। इससे खरपतवार व कीट दोनों खत्म हो जाते हैं।
प्लांट पर मिलने वाला अनुदान
एससी-एसटी वर्ग के लिए
11000 रुपए केंद्र सरकार का अंश
2500 रुपए राज्य सरकार का अंश
13500 रुपए अनुदान का कुल अंश
सामान्य वर्ग के लिए
9000 रुपए केंद्र सरकार का अंश
2500 रुपए राज्य सरकार का अंश
11500 रुपए अनुदान का कुल अंश
Published on:
13 Dec 2017 12:39 pm
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