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ऐसी भी शिक्षा: एमपी का ऐसा स्कूल जहां एक कमरे में लगती हैं तीन कक्षाएं,बच्चों को नहीं आता गिनती-पहाड़ा

जरा गौर से देखिए इस तश्वीर को, इस एक कमरे में तीन कक्षाओं के बच्चे बैठे हुए हैं। ये क्या पढ़ते होंंगे और क्या शिक्षक पढ़ाते होंगे जरा सोचिए...
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This school of MP which starts in a room three classes count-multiplication table not comes to children

This school of MP which starts in a room three classes count-multiplication table not comes to children


रीवा. मप्र सरकार प्राइमरी शिक्षा के प्रति कितनी गंभीर है, यह एक अकेली तस्वीर बयां कर रही है। रीवा जिले में संचालित प्राथमिक स्कूल के एक कमरे में तीन विभिन्न कक्षाओं के बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। तीन कक्षाओं के बच्चे एक साथ कैसे पढ़ते होंगेे यह गौर करनी वाली बात है। बच्चों को गिनती-पहाड़ा तक नहीं आता। अभिभावकों का कहना है कि एक कमरे में तीन कक्षा संचालित होने से न तो शिक्षक ढंग से पढ़ा पाते और न ही छात्र पढ़ पाते हैं। यह अत्यंत गंभीर मामला है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग और सरकार द्वारा अतिरिक्त कक्षों का निर्माण नहीं कराया जा रहा है।


रीवा जिले के विकासखंड रायपुर कर्चुलियान के ग्राम पंचायत पटना की प्राथमिक पाठशाला में इस समय 62 बच्चे विद्याध्ययन कर रहे हैं। यह मात्र दो कमरे का एक स्कूल है। स्कूल में छोटे-छोटे कमरे होने के कारण बच्चों को बैठने में परेशानी हो रही है। एक कमरे में कक्षा-1, 2 और 3, तीन कक्षाएं एक साथ संचालित की जाती हैं। तीनों कक्षाओं के बच्चे कक्ष के तीनों कोनों में बैठ जाते हैं। शिक्षक पढ़ाने के लिए आते हैं कि लेकिन एक साथ में तीन कक्षाएं संचालित करना बच्चों एवं शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण हैं। बच्चों की आवाज के पीछे पढ़ाई दब जाती है। इस अव्यवस्था से शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है। जबकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।

अतिरिक्त कक्ष की दरकार
अतिरिक्त कक्ष बनाया जा सके इस संबंध में शाला विकास समिति की अध्यक्ष विमला पांडेय ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पर्याप्त स्थान नहीं होने से स्कूल में बच्चों को बैठने में परेशानी होती है। वहीं प्रधानाध्यापक सरोज पांडेय ने बताया कि स्कूल का पुराना भवन है। जिसे अब प्राइमरी स्कूल में बदल दिया गया है। यहां पर अतिरिक्त कक्षों की जरूरत है, जो नहीं बने।

patrika IMAGE CREDIT: patrika

शौचालय में लटक रहा ताला
स्कूल में शौचालय बना है। लेकिन उसमें ताला लटक रहा है। जब इस बारे में प्रधानाध्यापक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शिक्षकों से ताला खोलने में भूल हो गई है। जबकि छात्र बताते हैं कि शौचालय में हमेश ही ताला लटका रहता है। जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है।

अभी तक नहीं बंटी साइकिल

रीवा जिले के विकासखंड रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र के स्कूलों में कक्षा नौ में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल अभी तक नहीं वितरित की गई है। जबकि जुलाई और अगस्त सत्र में साइकिल का वितरण हो जाना चाहिए। बताया गया है कि इस ब्लॉक में 1370 बच्चे पात्र हैं जिनके लिए 1200 साइकिलें फरवरी में आई हैं। 170 साइकिल अभी भी कम हैं।

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