14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जो टिकट के लिए आएं हैं अभी वक्त है दूसरे दलों में चले जाएं- नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह

रीवा. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने रीवा जिले के प्रवास के दौरान सेमरिया एवं सिरमौर में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने कांग्रेसियों को नसीहत देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि वे टिकट बांटने नहीं आए हैं, केवल कार्यकर्ताओं से मिलने आए हैं। यहां बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेस जनों को देखकर आश्चर्य हो रहा है कि इतनी बड़ी ताकत के बावजूद यहां कांग्रेस हार क्यों रही है। इतनी बड़ी संख्या में तो मेरे क्षेत्र में कांग्रेसी इकट्ठे नहीं होते फिर भी मैं चुनाव जीत जाता हूं।

less than 1 minute read
Google source verification
patrika

Those who have come for tickets, go away - Govind Singh

नेता प्रतिपक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि टिकट देना मेरा काम नहीं है, टिकट तो कमलनाथ जी देंगे। किन्तु जनता की सिफारिश पर देंगे, इसके लिए वह सर्वे करा रहे हैं। जो सर्वे में सर्वाधिक अंक अर्जित करेगा उसी को टिकट मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी मिलकर पार्टी के लिए काम करिए। जो केवल टिकट के लिए आए हैं, उनके लिए अभी भी वक्त है दूसरे दलों में चले जाएं। जो विश्वसनीय और पार्टी के लिए समर्पित नहीं है उनके लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है।

सभी दुखी हैं तो भाजपा जीतती कैसेे है...
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस क्षेत्र में मुझे जगह-जगह सुनने को मिल रहा है कि इस सरकार से किसान, मजदूर, नौजवान सभी दुखी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सभी दुखी हैं तो भाजपा जीत कैसे जाती है। उन्होंने कांग्रेसियों से कहा जनता के सुख दु:ख में शामिल हों। प्रदेश में पुन: बहुत बड़ा बदलाव होना है। कांग्रेस अपने पुराने वचन पत्र के साथ मैदान में उतरेगी। सरकार गिर जाने से जो वादे पूरे नहीं हुए इस बार पूरे किए जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने युवाओं से की चाय पर चर्चा
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल के निज निवास पहुंचकर चाय पर युवाओं से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के कंधों में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि 2023 में युवा व छात्र हितेषी कांग्रेस की सरकार बने। ऐसे में युवाओं को आगे आकर अपने अधिकारों के साथ समाज के अन्य वर्गों के अधिकारों की भी लड़ाई लडऩी होगी।