
Traveling in trains becomes dangerous due to thieves, mobile phones an
रीवा। ट्रेनों में चोरों की वजह से सफर काफी खतरनाक हो चुका है। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों का सामान व मोबाइल सुरक्षित रहेगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। पलक झपकते चोर यात्रियों के मोबाइल व महिलाओं के पर्स लेकर चंपत हो जाते है।
विभिन्न रुटों मेें चलने वाली ट्रेनों में निशाना बनते है यात्री
रीवा रेलवे स्टेशन से दर्जन भर ट्रेने विभिन्न रुटों के लिए जाती है। इन ट्रेनों में मोबाइल व पर्स चोरी की सर्वाधिक घटनाएं प्रकाश में आ रही है। आमतौर पर ट्रेनों में भीड़भाड़ अधिक होती है और इसका फायदा चोर उठाते है। भीड़भाड़ मेंं वे यात्रियों की जेब से मोबाइल, पर्स पलक झपकते पार कर देते है। कई महिलाएं भी इन चोरों का शिकार बनती है। चोरी की सर्वाधिक घटनाएं रेवांचल, अम्बेडकर नगर ट्रेन व इंटरसिटी ट्रेनों में सामने आती है। यात्रियों के बीच बदमाश भी घुस जाते है और आराम से घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाते है। रीवा जीआरपी की बात करें तो यहां हर माह पन्द्रह से बीस तक शिकायतें दर्ज होती है जिनमें ज्यादातर मोबाइल व पर्स चोरी की होती है।
दो सैकड़ा से अधिक मामले है दर्ज
नौ माह में करीब दो सैकड़ा लोग सफर के दौरान चोरों का शिकार बने है जिनके मामले भी जीआरपी थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त काफी संख्या में शिकायतें कटनी, जबलपुर में लोग दर्ज करवाते है जो शून्य में कायमी होकर रीवा आती है। कई बार तो रात में सोते समय यात्रियों के बैग तक बदमाश गायब कर देते है। अमूमन लोग अपने बैग सीट के नीचे रखकर सो जाते है और इसका फायदा उठाकर चोर घटनाओं को अंजाम देते है। ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाएं यात्रियों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
कटनी से जबलपुर व छतरपुर से खजुराहो के बीच सर्वाधिक घटनाएं
ट्रेन में सफर के दौरान कुछ स्थान ऐसे है जहां पर चोरी की सर्वाधिक घटनाएं होती है। ज्यादातर घटनाएं कटनी से जबलपुर और छतरपुर से खजुराहों के बीच होती है। इन स्थानों में अक्सर लोग चोरों का शिकार बन जाते है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि ज्यादातर बदमाश इन्हीं इलाकों के है जो ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते है।
जबलपुर में पकड़े गए बदमाश से रीवा के संबंध में पूछताछ
जबलपुर जीआरपी थाना प्रभारी शशि धुर्वे ने स्टाफ के साथ आरोपी अजय मल्लाह उर्फ हल्के पिता कुंजीलाल 42 वर्ष निवासी ग्वारीघाट जबलपुर को गिरफ्तार किया था जिसके पास से 12 मोबाइल बरामद हुए थे। वह रीवा रुट में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। फलस्वरूप रीवा जीआरपी थाने में दर्ज मामलों में भी पूछताछ की रही है। उसके पास से बरामद मोबाइलों में से कुछ रीवा के बताए जा रहे है जिनका आईएमईआई नम्बर पुलिस ट्रेस करवा रही है।
सभी ट्रेनों से आती है शिकायतें
मोबाइल चोरी की घटनाएं लगभग सभी ट्रेनों में होती है। छतरपुर से खजुराहो के बीच में सर्वाधिक घटनाएं होती है। हर माह पन्द्रह से बीस के लगभग शिकायतें थाने में आती है जिनमें कार्रवाई की जाती है। पूर्व में कई बदमाशों को पकड़ा गया था जिनके पास से काफी सामान बरामद हो चुका है।
अनिल मरावी, एसआई जीआरपी रीवा
Published on:
01 Oct 2023 08:04 pm
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