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रीवा। प्रदेश में नई सरकार गठित होने के बाद अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। टीआरएस कालेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ला को प्रभार से हटा दिया गया है। इनके स्थान पर वनस्पति शास्त्र की प्राध्यापक डॉ. अर्पिता अवस्थी को प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही आहरण संवितरण के अधिकार भी सौंपे गए हैं। फिलहाल शुक्ला अर्थशास्त्र के प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। विंध्य के सबसे बड़े कालेज में लंबे समय से वह प्राचार्य के प्रभार में रहे हैं, इस बीच कई विवाद भी उनके साथ जुड़ते रहे हैं। कई ऐसे आरोप लगाए गए हैं जो मनमानी रूप से काम करने के हैं। पूर्व में आरोप लगा था कि निर्माण कार्यों में अनियमितता करने के साथ ही कालेज का नाम टीआरएस की जगह दरबार कालेज किया जा रहा है इसके लिए शासन से कोई सहमति नहीं है। इनदिनों एक नए विवाद में घिरे हैं। जिसमें आरोप है कि वर्ष १९८२-८३ में कालेज ने शताब्दी समारोह मनाया लेकिन अब १५० वर्ष स्थापना के मनाए जा रहे हैं। जबकि शताब्दी समारोह से अब तक ५० वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला ने इस पर कार्रवाई की मांग के लिए संभागायुक्त एवं प्रमुख सचिव को ज्ञापन दिया है। जिस पर कलेक्टर को जांच के लिए कहा गया है।
- दोनों प्रमुख दलों के निशाने पर रहे हैं
डॉ. रामलला शुक्ला रीवा के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के निशाने पर रहे हैं। पूर्व में भाजपा की सरकार थी तो कांग्रेसी उनके खिलाफ मोर्चा खोलते रहे हैं, कई भाजपा के नेता भी विरोध में रहे हैं। कांग्रेस की सरकार आते ही उन्हें हटा दिया गया था लेकिन कोर्ट से स्टे लेकर फिर वापस आ गए थे। बाद में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का कार्यक्रम कालेज में कराकर स्वयं को मजबूत कर लिया। अब फिर से भाजपा की सरकार बनी तो वह निशाने पर आ गए हैं और पद से मुक्त किया गया है।
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Published on:
27 Mar 2020 10:59 am
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