
संभागायुक्त ने कहा जिस दिन खराब परिणाम देखकर शिक्षक के मन में पीड़ा होगी तभी स्थिति सुधरेगी
रीवा. शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए समीक्षा बैठक का आयोजन कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में संभागायुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्राचार्यों से कहा कि आप सभी को इस देश के भविष्य को बनाने का मौका मिला है।
बच्चों के भविष्य से ही देश का भविष्य जुड़ा है। राष्ट्र के भविष्य के लिए होनहार पीढ़ी का निर्माण करना जरूरी है। संभागायुक्त ने कहा कि इस साल परीक्षा परिणाम देखकर मन दुखी हुआ, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसी स्कूलें थी जिनका 30 प्रतिशत से भी कम रिजल्ट था। कहा कि शिक्षक अपने दायित्व के प्रति निष्ठावान होकर बच्चों के भविष्य को सही ढंग से निर्मित करने का प्रयास करें।
समस्याएं हर जगह होती हैं लेकिन उनसे जूझते हुए चट्टानों की तरह मजबूत इरादों से बच्चों को शिक्षित करें। साथ ही यह भी कहा कि खराब परीक्षा परिणाम पर हम कार्रवाई कर सकते हैं लेकिन उससे परिणाम नहीं सुधरेगा। यह तभी होगा जब शिक्षक अपने को स्वयं सजा दें, अच्छी मेहनत कर बेहतर परिणाम लाएं। उन्होंने शिकंदर और अरस्तु की कहानी सुनाकर बताया कि गुरुओं का समाज में कितना सम्मान है, यह भारत आने के बाद शिकंदर जैसे तानाशाह को भी प्रभावित कर गया। इसलिए गुरु का सम्मान बनाए रखने के लिए मेहतन से काम करें।
इस दौरान संयुक्त संचालक लोक शिक्षण अंजनी त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अच्छे शिक्षक ही देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की समझाइश दी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्धारित किए गए 7 बिन्दुओं का पालन करते हुए बच्चों को शिक्षा देने का निर्देश दिया। जिला शिक्षा अधिकारी रामनरेश पटेल ने कहा कि कमिश्नर डॉ. भार्गव के मार्गदर्शन में जून माह से लगातार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर उपायुक्त नगर निगम अरूण मिश्रा, प्राचार्य बीएड कॉलेज प्रफुल्ल शुक्ला, प्राचार्य डाइट एसएन शर्मा सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।
इंदौर वालों की तरह गर्व से कहिए हम रीवा के हैं
संभागायुक्त ने शिक्षकों से उनके शैक्षिक कार्यों के साथ ही स्वच्छता को लेकर भी चर्चा की। कहा कि जिस तरह देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर है और वहां के लोग अपना पता गर्व के साथ बताते हैं, इसलिए रीवा के लोग भी उसी तरह स्वच्छता में सहयोग दें ताकि इसे नंबर एक शहर बनाकर हम सब भी गर्व से कह सकें कि हम रीवा के हैं। उन्होंने स्वच्छता को स्वास्थ्य और तरक्की से जोड़ते हुए कईकहानियां भी शिक्षकों को सुनाई।
अवसर है कि रीवा को अच्छी रैंकिंग दिलाईजाए,इसलिए सब मिलकर काम करें। इस दौरान निगम के स्वच्छता प्रेरक प्रमुख रवि सिन्हा ने शिक्षकों को एप डाउनलोड करने का तरीका बताया और सिटीजन फीडबैक देने की जानकारी दी।
Published on:
23 Jan 2020 12:25 am
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