
Veteran leader who established BJP, passed away, CM, expressed grief
रीवा। भाजपा के वरिष्ठ नेता कौशल प्रसाद मिश्रा का निधन हो गया है। वह पार्टी के लिए लंबे समय से जुड़े रहे हैं। विंध्य में भाजपा को स्थापित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही जुड़े और संगठन के विस्तार में योगदान दिया। रीवा जिले के लालगांव के समीप पुर्वा गांव में जन्मे कौशल प्रसाद मिश्रा की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई और बाद में रीवा में पढ़ाई की।
21 अक्टूबर 1932 को जन्मे कौशल प्रसाद में गांव की पृष्ठभूमि जीवंत रही। क्षेत्र के लोगों की वह हमेशा मदद करते रहे हैं। बीते कुछ समय से उन्हें भूलने की बीमारी थी। तीन मार्च की देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।जैसे ही इनके निधन की खबर आई, क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रीवा स्थित आवास पर ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग जुटने लगे।
समाजवादी आंदोलन का रहे हिस्सा
विंध्य में समाजवादी आंदोलन जब चरम पर था, उस दौरान कौशल प्रसाद मिश्रा उसकी अगुआई करने वाले प्रमुख युवा नेताओं में एक थे। डॉ. राममनोहर लोहिया के करीबी होने के चलते उन्हें आसपास के दूसरे जिलों में भी भेजा जाता रहा है। कई बड़े आंदोलनों का वह हिस्सा रहे हैं।
सरकार के महाधिवक्ता भी रहे
राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता भी रहे। चुरहट लाटरीकांड, सिंगरौली जिले के चुरचुरिया गांव के विस्थापितों का प्रकरण तटस्थता के साथ अदालत में लड़े, जिसके चलते सुर्खियों में आए थे। स्व. मिश्रा के पांच में से तीन पुत्र भी वकालत के पेशे से जुड़े हैं। पोता आईआरएस की सेवा में है। इसके साथ ही इनके दामाद सतीश अग्रिहोत्री सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी हैं। विधि के क्षेत्र में परिवार के कई लोग इन्हीं की प्रेरणा से जुड़े।
भाजपा ने रद्द किए होली उत्सव के कार्यक्रम
भाजपा के वरिष्ठ नेता कौशल प्रसाद मिश्रा के निधन की खबर पाते ही भाजपा ने होली उत्सव से जुड़े सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है। सांसद जनार्दन मिश्रा भी अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसी तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान, महामंत्री अजय प्रताप सिंह, उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, विधायक दिव्यराज सिंह, नीलम मिश्रा, भाजपा अध्यक्ष विद्याप्रकाश श्रीवास्तव सहित अन्य बड़े नेताओं ने शोक संवेदना जाहिर की है।
मीसाबंदी आंदोलन में 19 महीने जेल में रहे
देश में मीसाबंदी आंदोलन जब चलाया गया उसका असर रीवा में भी रहा। जहां पर सैकड़ों की संख्या में नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कौशल प्रसाद मिश्रा 19 महीने तक जेल में रहे। रीवा की जेल में प्रताडऩा के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहा तो जबलपुर की जेल में भेजा गया, जहां भी सुनियोजित तरीके से प्रताडि़त किया गया।
भाजपा के दो बार रहे जिला अध्यक्ष
भाजपा के संगठन विस्तार के बाद वर्ष 1984 में कौशल प्रसाद मिश्रा को जिला इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। लगातार दो कार्यकाल वह पार्टी के अध्यक्ष रहे। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी के कई प्रमुख पदों पर अलग-अलग समय पर रहे। लोकसभा और विधानसभा के कई चुनावों में वह पार्टी की ओर से चेहरा रहे। हालांकि उस दौरान इस क्षेत्र में पार्टी अधिक मजबूत नहीं थी जिसके चलते सफलता नहीं मिली।
Published on:
04 Mar 2018 03:01 pm
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