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गांव में सड़क के लिए पानी टंकी पर चढ़े ग्रामीण, निर्माण शुरू होने के बाद हुए नीचे उतरे

- कलेक्टर ने फोन पर ग्रामीणों को मांगें माने जाने की दी जानकारी- त्योंथर क्षेत्र के बरहा गांव में सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीण दो सप्ताह से लगातार उठा रहे थे मांग

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रीवा

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Mrigendra Singh

Aug 12, 2020

rewa

Villagers climbed water tank for road in village, baraha tyothar rewa


रीवा। जिले के त्योंथर अंचल के बरहा गांव में सड़क बनाने के लिए उठाई जा रही मांगों की प्रशासन अनदेखी करता रहा तो ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताने के लिए अनोखे विरोध प्रदर्शन का सहारा लिया। पानी की टंकी पर चढ़कर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई, मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया तो मौके पर अधिकारियों को भेजकर प्रदर्शन शांत कराया। सड़क का निर्माण दोपहर बाद प्रारंभ होने के बाद गांव वाले टंकी से नीचे उतरे और प्रदर्शन समाप्त करते हुए प्रशासन का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। इसके पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर विधायक तक से सड़क की मांग ग्रामीणों ने उठाई थी। हर जगह केवल आश्वासन मिलता रहा, जिसके चलते गांव वालों का सब्र टूटने लगा और वह स्वयं विरोध के लिए एकजुट हो गए। पहले कीचड़ पर ही बैठकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पंचायत बुलाई गई जिसमें तय किया गया कि आंदोलन चाहे भले ही लंबे समय तक चलाना पड़े, सड़क निर्माण के लिए संघर्ष करेंगे। ग्रामीणों को एकजुट करने और आंदोलन की शुरुआत करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह बघेल ने बताया कि पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने की सूचना पहले ही प्रशासन को दी गई थी। स्थानीय अधिकारियों ने तो गंभीरता नहीं ली लेकिन कलेक्टर ने फोन पर सूचना सुबह ही दे दी थी कि सड़क स्वीकृत कर दी है। दोपहर बाद तहसीलदार, एसडीओपी और जनपद सीइओ सहित अन्य अधिकारी पहुंचे और बताया कि सड़क निर्माण प्रारंभ होने जा रहा है। साथ ही पंचायत के मनरेगा मद से सड़क पर मुरुम डालने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया। इस वजह से प्रदर्शन रोक दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि बाद में उक्त सड़क को और बेतहर तरीके से बनाया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में गांव के देवेन्द्र सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, प्रदीप सिंह, कल्लू, बच्चा, सजन सिंह, रामसखा साकेत, विजय साकेत, ददोले विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, अजय साकेत, छंगा साकेत सहित करीब सैकड़ा भर से अधिक की संख्या में गांव के लोग शामिल रहे।

- मरीजों को चारपाई पर लेकर अस्पताल जाते हैं लोग
एमपी-यूपी के बार्डर क्षेत्र में बरहा गांव स्थित है। इस कारण विकास कार्यों से भी दूर गया है। इस गांव में सड़क नहीं होने के चलते गांव तक एंबुलेंस नहीं जाती। जिसकी वजह से यदि बरसात के दिनों में कोई बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई पर लेकर अस्पताल तक पहुंचते हैं। कुछ दिन पहले ही रामसखा साकेत नाम के एक व्यक्ति की पत्नी बीमार हुई तो वह पांच किलोमीटर तक चारपाई में ही लेकर उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ गया और वहां से उपचार कराने के बाद लौटा। यह वीडियो वायरल होने पर सरकार के दावों का सोशल मीडिया पर मजाक भी उड़ाया गया था। उस दौरान भी प्रशासन पहुंचा था और समस्या समाधान का आश्वासन दिया था।


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सड़क बनाने का कार्य शुरू करा दिया गया है, साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि विकास कार्य की अन्य आवश्यकताएं भी पूरी होंगी। अभी पंचायत मद से ही सड़क पर कार्य चल रहा है, बाद में इसके व्यवस्थित निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
संजय सिंह, सीइओ जनपद त्योंथर रीवा

Mrigendra Singh IMAGE CREDIT: patrika

- चार किलोमीटर तक सड़क की मांग कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने कहा है कि बरहा से लेकर कूड़ी तक सड़क नहीं है जिसकी वजह से मुख्यमार्ग से गांव कटा हुआ है। इस कारण करीब चार किलोमीटर की इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी या फिर अन्य विभागों के माध्यम से कराया जाए। जिस पर जनपद के अधिकारियों ने कहा है कि टेंडर प्रक्रिया के बाद यह निर्माण होगा। अभी पंचायत के मद से चलने के लायक सड़क बनाई जा रही है।

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