6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ठेला लगाकर जीवनयापन करने को मजबूर ओलंपिक में मेडल पाने वाली यह खिलाड़ी, जानिए क्या है हाल

उद्योग मंत्री ने दिया आश्वासन...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Ajit Shukla

Aug 22, 2018

winner of Olympic medal Rewa player Sita Sahu faced problemwinner of Olympic medal Rewa player Sita Sahu faced problem

winner of Olympic medal Rewa player Sita Sahu faced problem

रीवा। स्पेशल ओलंपिक की दौड़ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर दो पदक जीतने वाली सीता साहू को अब जीवनयापन के लिए चाट-फुल्की नहीं बेचना पड़ेगा। सब कुछ जिला प्रशासन की योजना के मुताबिक हुआ तो सीता को रोजगार मुहैया हो जाएगा। उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला की ओर से सीता और उसके परिजनों को दिए गए आश्वासन के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन की सक्रियता को देखते हुए कुछ ऐसा ही जान पड़ रहा है।

कलेक्टर प्रीति मैथिल ने शुरू की कवायद
स्पेशल ओलंपिक में लोहा मनवाने वाली शहर के धोबिया टंकी निवासी मानसिक रूप में कमजोर सीता साहू को रोजगार मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन बंदोबस्त में जुट गया है। मंगलवार को खुद कलेक्टर प्रीति मैथिल ने न केवल सीता साहू को बुलाया, बल्की उनकी शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य जानकारी भी ली। सीता के परिजनों की माने तो कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि शासन की योजनाओं के तहत वह कोशिश करेंगी कि सीता को जीवनयापन के लिए ठेला नहीं लगाना पड़े।

उद्योग मंत्री ने धावक के लिए की यह घोषणा
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम ‘देशराग’ के दौरान उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सीता को पुरस्कृत किया था। साथ ही जानकारी होने पर आर्थिक मदद करने के साथ यह आश्वासन दिया था कि वह कोशिश करेंगे कि सीता को पिता पुरुषोत्तम साहू के साथ ठेला नहीं लगाना पड़े। जिला प्रशासन की सक्रियता उद्योग मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन का नतीजा माना जा रहा है।

सीता ने जीता है स्पेशल ओलंपिक में दो पदक
मानसिक रूप कमजोर सीता साहू ने वर्ष 2013 में स्पेशल ओलंपिक में दौड़ की प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक प्राप्त किया है। सीता की इस उपलब्धि के लिए १४ अगस्त को आयोजित देशराग कार्यक्रम में विंध्य रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार खुद उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सीता को प्रदान किया है।