सागर. लोगों का भरोसा तोड़कर 72 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी को अष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल्लाह अहमद के न्यायालय ने 170 साल की कठोर सजा से दंडित किया है। यानि आरोपी को 34 लोगों से ठगी के बदले में पांच- पांच साल की सजा अलग- अलग काटनी होगी। उस पर 3.40 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। लगातार सामने आ रही धोखाधड़ी की वारदातों के बीच न्यायालय के इस सख्त फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
भरोसा तोड़कर की थी धोखाधड़ी:
प्रकरण की पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक रामबाबू रावत के अनुसार गुजरात के तापी जिले का मूल निवासी नासिर मोहम्मद उर्फ नासिर राजपूत (65) अपने परिवार के साथ वर्ष 2019 में भैंसा गांव में आकर बस गया था। किराए का घर लेकर रह रहे नासिर और उसके परिजनों ने आसपास के लोगों से मेल-जोल बढ़ाया और गुजरात में 85 लाख रुपए का बंगला बेंचकर सागर आने का कहते हुए भैंसा में कपड़ा फैक्ट्री शुरू करने का झांसा दिया। लोगों में भरोसा जमाने के बाद उसने बंगला बेंचने से मिले रुपए टैक्स की वजह से अटकने के बारे में बताया। वहीं उसने अपने बेटों के दुबई और वियतनाम में होने की जानकारी देकर कपड़े का व्यापार कर अच्छा मुनाफा कमाने का सपना दिखाया। फैक्ट्री में पार्टनर बनाने का लालच दिया जिसमें फंसकर 34 लोगों ने 72 लाख रुपए की राशि नासिर मोहम्मद को इक_ा करके दे दी। रुपए मिलने के कुछ समय बाद ही वह दूसरी जगह किराए से रहने लगा। फैक्ट्री शुरू न होने पर जब लोग रुपया वापस मांगने का दबाव बनाने लगे तो सितम्बर 2019 की एक रात परिवार के सदस्यों के साथ गायब हो गया। परेशान लोगों ने इसकी शिकायत कैंट थाने में की जिसकी जांच के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज किया था।
4 माह बाद कर्नाटक से गिरफ्तार :
72 लाख रुपए की ठगी की वारदात के बाद पुलिस लगातार नासिर और उसके परिवार के लोगों की तलाश में जुटी रही। इस दौरान पुलिस ने गुजरात सहित कई जगहों पर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया। केस दर्ज होने के बाद चार माह बाद पुलिस को नासिर का सुराग लगा तब टीम भेजकर उसे कर्नाटक के शहर गुलबर्गा से गिरफ्तार किया जा सका। उसे सागर लाया गया जहां पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।- हर व्यक्ति से ठगी के
बदले पांच वर्ष की सजा, जुर्माना भी अलग- अलग:
कैंट पुलिस द्वारा लंबी विवेचना के बाद पुख्ता साक्ष्यों, गवाहों के बयानों के साथ चालान न्यायालय में पेश किया गया। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल्लाह अहमद के न्यायालय में धोखाधड़ी के इस प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान भरोसा बनाकर अपने बीच के लोगों से धोखाधड़ी को न्यायालय ने अत्यधिक गंभीर माना। वहीं अभियोजन पक्ष भी मजबूती से अपना पक्ष प्रस्तुत कर दोष सिद्ध करने में कामयाब रहा। न्यायाधीश अब्दुल्लाह अहमद ने धोखाधड़ी के आरोपी नासिर मोहम्मद उर्फ नासिर राजपूत को प्रत्येक से धोखाधड़ी करने पर पांच वर्ष यानि 34 लोगों को धोखा देने पर 170 वर्ष की सजा से दंडित किया है। वहीं उस पर प्रत्येक शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी के लिए 10- 10 हजार रुपए यानि 3.40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने सजा के पृथक -प्रथक चलने का भी उल्लेख अपने आदेश में किया है। वहीं जुर्माना राशि नहीं चुकाने पर प्रत्येक सजा के बाद छह- छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगताने का भी आदेश न्यायालय ने दिया है।
धोखाधड़ी की बढ़ती वारदातों के बीच ऐतिहासिक फैसला :
अपर लोक अभियोजक रामबाबू रावत ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा जिस तरह आरोपी ने अपने बीच के लोगों का भरोसा तोड़कर उनके साथ छल किया उससे कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोगों ने उसकी परेशानी को देखकर अपनी जमापूंजी सौंपी थी लेकिन बदले में उसने धोखा दे दिया। जिस तरह धोखाधड़ी की वारदातें बढ़ रही हैं उस दौर में यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है।