
आग की चपेट में आया दो एकड़ में फैला 200 साल पुराना विशाल बरगद
सागर. जैसीनगर के पडऱई गांव में 2 एकड़ क्षेत्र में फैले बरगद के वृक्ष में बीते रात अचानक से आग लग गई। 200 साल पुराने बरगद की आग की रोशनी अंधेरे को चीरती हुई गांव तक जा पहुंची। बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे वृक्ष में आग लग गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की और जब वे काबू नहीं पा पाए तो फिर उन्होंने इसकी सूचना सागर नगर निगम के दमकल विभाग को दी। निगम की फायर लॉरी ने जैसे-तैसे सुबह आग पर काबू पाया, लेकिन फिर तेज हवा चलने से दोबारा वृक्ष आग की चपेट में आ गया। इसके बाद राहतगढ़ नपा की फायर लॉरी मौके पर पहुंची और उसने आग को बुझाया। विकाशकाय वृक्ष लंबरदार ऋषिराज सिंह ठाकुर के खेत में है, जो दो सौ साल से पुराना बताया जा रहा है। फायरकर्मियों की माने तो किसानों ने खेत की नरवाई चलाने के लिए आग लगाई थी, जो फैलकर वृक्ष तक पहुंच गई थी।
ईको-सिस्टम हो गया धराशाही
डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वनस्पतिशास्त्री डॉ. अजय शंकर मिश्रा ने बताया कि पडऱई का वृक्ष काफी पुराना है और करीब दो एकड़ में फैला है। इसके कारण इसका अपना एक ईको सिस्टम तैयार हो जाता है। हजारों पक्षियों व लाखों-करोड़ों कीटों को ये अपने में समाए रहा होगा। आग लगने से ईको सिस्टम भी ध्वस्त हुआ होगा।
पुनर्जीवित हो जाएगा वृक्ष
डॉ. मिश्रा ने बताया कि बरगद के पेड़ (फिकस बेंघालेंसिस) की खासियत यह है कि वह कभी भी मर नहीं सकता है। यह वृक्ष मोरेसी परिवार का मेंबर है। इनमें दूध होता है, जिसके कारण इनके बचाव का सिस्टम भी अलग होता है।
हजारों लोग पहुंचते थे वृक्ष देखने
ग्रामीणों की माने तो यह वृक्ष जिले के साथ पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है, जिसके कारण यहां पर साल भर में हजारों लोग वृक्ष देखने के लिए पहुंचते हैं। दो साल पुराना वृक्ष होने के कारण लोग धार्मिक दृष्टि से भी इसको महत्वपूर्ण मानते हैं और इसके आसपास कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।
Published on:
16 May 2023 05:34 pm
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