
सागर/ दीपावली के त्योहार के लिए अब कुछ ही दिन शेष बचे है। करवा चौथ के साथ ही अब अलग-अलग त्योहार दीपावली तक पड़ेंगे। इनमें से खुश खास त्योहार भी है, जिन्हें लोग मनाते है। नरक चतुर्दशी का भी काफी महत्व सनातन धर्म में बताया गया है। जिसे छोटी दीपावली के रूप में लोग मनाते है। इसके दूसरे दिन ही दीपावली होती है।
नरक चतुर्दशी 2019 में 26 अक्टूबर 2019 को पड़ रही है। इस दिन लोग घरों और मंदिरों में विशेष पूजन करते है। नरक चतुर्दशी को रूप चतुर्दशी, सौंदर्य चतुर्दशी के रूप में भी मनाया जाता है। दीपावली के एक पडऩे वाले इस त्यौहार पर अलग-अलग समाज, रीत में अलग पूजा, पाठ होते है। इस त्यौहार को अनेक तरह से मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी की आप सभी को शुभकामनाएं भेज सकते है। इसके लिए कुछ सोशल मीडिया मैसेज भी हमने आपके लिए तैयार किए हैं, जिन्हें भी आप सुरक्षित रख सकते है।
नरक चतुर्दशी पर भेजें यह संदेश
-चांद को चांदनी मुबारक, सूरज को रोशनी मुबारक
आपको और आपके पूरे परिवार को नरक चतुर्दशी और दीवाली मुबारक
-जैसे कृष्ण भगवान ने नरकासुर का नाा किया वैसे ही भगवान आपके जीवन से दुखों का नाश करें।
नरक चतुर्दशी की शुभकामनाएं
-आपको आशीर्वाद मिले गणेश से, विद्या मिले सरस्वती से, धन मिले लक्ष्मी से, खुशियां मिले रब से, प्यार मिले सब से, यही दुआ है दिल से
हैप्पी नरक चतुर्दशी
-सत्य पर विजय पाकर, काली चौदस मनाए
मन में श्रद्धा और विश्वास रखकर हर मनोकामना को पूरा होता पाए
नरक चतुर्दशी की शुभकामनाएं
-दीयो के संग, खुशियों के रंग, हो जाए मलंग, लेके नयी उमंश, नरक चतुर्दशी की शुभकामनाएं
नरक चतुर्दशी का महत्व
नरक चतुर्दशी (काली चौदस, रूप चौदस, छोटी दीवाली या नरक निवारण चतुर्दशी के रूप में भी जाना जाता है) ए हिंदू त्योहार है, जो हिंदू कैलेंडर अश्विन महीने की विक्रम संवत्में और कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (चौदहवें दिन) पर होती है। यह दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का दूसरा दिन है।
हिन्दू साहित्य बताते हैं कि असुर (राक्षस) नरकासुर का वध कृष्ण, सत्यभामा और काली द्वारा इस दिन पर हुआ था।यह दिन सुबहधार्मिक अनुष्ठान, उत्सव और उल्हास के साथ मनाया जाता है।
Updated on:
24 Oct 2019 03:32 pm
Published on:
19 Oct 2019 03:51 pm

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