
हाथ ठेले पर बिकता हुआ मावा
बीना. शरद पूर्णिमा पर मावा के लड्डू का भोग महिलाएं लगाती हैं और इसके लिए एक दिन पहले से ही बाजार में मावा व लड्डू बिकने लगे हैं। दुकानदारों के अनुसार शहर में करीब 25 टन मावा बिका। इसके बाद भी खाद्य विभाग ने मावा की जांच के लिए सैम्पल तक नहीं लिए हैं।
शरद पूर्णिमा मंगलवार को है और इसके लिए कई दिन पहले से ही मावा का स्टॉक शहर में आ गया था। रविवार को जगह-जगह हाथ ठेलों पर मावा और उसके लड्डू बिकते रहे। हाथ ठेलों पर न सफाई का ध्यान रखा गया और न ही क्वालिटी का कुछ पता था। बिना जांच के लिए सैकड़ों क्विंटल मावा शरद पूर्णिमा तक बाजार में बिक जाएगा। मावा बेचने वाले पहले ही दूसरे शहरों से बड़ी मात्रा में मावा मंगाकर स्टॉक करते हैं, जबकि ज्यादा दिन तक इसे रखने पर फफूंद लगने लगती है। इसके बाद भी खाद्य विभाग की टीम शहर में जांच करने नहीं आई है। नवरात्र के पहले आई टीम ने कुछ दुकानों से सैम्पल लिए थे, लेकिन इसके बाद कोई जांच करने नहीं आया है। जबकि त्योहारी सीजन में लगातार कार्रवाई करने की जरूरत है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके। पिछले वर्षों में शरद पूर्णिमा पर मावा के लड्डू खाने पर लोगों के बीमार होने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
दीपावली के लिए भी जल्द आने लगेगा मावा
दीपावली के त्योहार पर लोग मिठाईयां खरीदते हैं और इसके लिए भी पूर्णिमा के बाद ही व्यापारी मावा मंगाकर स्टॉक करना शुरू कर देंगे। स्टॉक किए गए मावा की ही मिठाईयां बनाकर बेची जाएंगी। मावा के साथ-साथ पनीर का भी स्टॉक किया जाता है।
Updated on:
06 Oct 2025 12:07 pm
Published on:
06 Oct 2025 12:07 pm
