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40 घंटे में आग लगने की 6 घटनाएं, शहर की 2 बड़ी गोदामों में लगी, अंचल में 2 मकान जलकर खाक

पिछले साल ही 157 गोदाम व लकड़ी के टाल चिन्हित किए थे। वहीं फायर एनओसी न लेने वाले 400 से ज्यादा व्यवसायिक भवन मालिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन किसी भी मामले में जिम्मेदारों ने सख्ती से कार्रवाई नहीं की।

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सागर

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Rizwan ansari

Apr 29, 2025

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गर्मी बढ़ते ही आग की घटनाएं भी हर रोज सामने आने लगी हैं। शनिवार रात 8 से सोमवार की दोपहर 12 बजे तक की बात करें, तो इन 40 घंटों में आग की छह बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इसमें शहर की दो बड़ी कबाड़ गोदामों में आग लगी, जिसे बुझाने में दर्जन भर से ज्यादा फायर लाॅरियों के कर्मचारियों के पसीने छूटे गए। वहीं अंचल में आग लगने से दो किसानों के मकानों के साथ गृहस्थी का सामान और अनाज सहित कृषि उपकरण जलकर खाक हो गए।
शनिवार को पहले रात 8 बजे बहेरिया थाना के औद्याेगिक क्षेत्र स्थित कबाड़ गोदाम में आग लगी थी, जो 24 घंटे बाद बुझ पाई। रात 3 बजे बहेरिया चौराहा पर स्थित एक दुकान में आग धधक गई, तो बंडा के झागरी गांव में एक मकान जलकर खाक हो गया। रविवार रात को मोतीनगर थाना क्षेत्र में कृषि उपज मंडी के पास दयानंद वार्ड निवासी मोहम्मद जावेद पुत्र अब्दुल वहीद खान की कबाड़ गोदाम में आग भड़क गई, जिसे बुझाने में 6 फायर ब्रिगेड को सुबह के 4 बजे तक प्रयास करने पड़े। जैसे-तैसे थोड़ी देर को शांति हुई कि दोपहर 12 बजे सूचना मिली कि बहेरिया थाना क्षेत्र के बामोरा गांव के पास नरवाई में आग लग गई है और वह तेजी से फैल रही है।

बंडा क्षेत्र में दो मकान जले

बंडा क्षेत्र में भी आग लगने से पिछले 2 दिन में 2 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें किसानों के मकानों के साथ गृहस्थी का पूरा सामान और अनाज जलकर खाक हो गया। रविवार को झागरी गांव में एक मकान में आग लगी थी, तो सोमवार को जालमपुर गांव में नरवाई में लगी आग बस्ती तक पहुंची और गांव के सुरेंद्र लोधी के मकान में लग गई, जिसे बुझाने में भी फायर ब्रिगेड को 6 घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

सख्ती से नहीं ले पा रहे निर्णय

शहर में हर साल आग की बड़ी-बड़ी घटनाएं होती हैं और इसके बाद जिला प्रशासन और नगर निगम सर्वे कराता है, लेकिन जिम्मेदारों की कार्रवाई केवल नोटिस तक ही सीमित रहती है। पिछले साल ही 157 गोदाम व लकड़ी के टाल चिन्हित किए थे। वहीं फायर एनओसी न लेने वाले 400 से ज्यादा व्यवसायिक भवन मालिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन किसी भी मामले में जिम्मेदारों ने सख्ती से कार्रवाई नहीं की।