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दमोह के 6 साल के बच्चे का नाम, दस्तावेज बदलकर गुवाहाटी के आश्रम में दिलाया दाखिला

– मानव तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने मासूम को आश्रम से छुड़ाया, पूछताछ जारी दमोह. मानव तस्करी से जुड़े एक मामले में दमोह के छह साल के बच्चे का नाम, दस्तावेज और अभिभावक तक बदलकर गुवाहाटी (असम) के आश्रम में रखा। मां से मिली जानकारी और पुलिस की सुरागरसी के बाद पुलिस किसी […]

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- मानव तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने मासूम को आश्रम से छुड़ाया, पूछताछ जारी

दमोह. मानव तस्करी से जुड़े एक मामले में दमोह के छह साल के बच्चे का नाम, दस्तावेज और अभिभावक तक बदलकर गुवाहाटी (असम) के आश्रम में रखा। मां से मिली जानकारी और पुलिस की सुरागरसी के बाद पुलिस किसी तरह मासूम को आश्रम से निकालने में सफल रही। दमोह पुलिस ने आश्रम संचालक और उसके पुत्र के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भूरी निवासी विजय चक्रवर्ती ने 7 जुलाई 2024 को अपनी पत्नी रामरति चक्रवर्ती और बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट जबलपुर नाका चौकी, थाना दमोह देहात में दर्ज कराई थी। इंदौर पुलिस से मिली जानकारी के बाद दमोह पुलिस ने रामरति के परिजनों से संपर्क साधा, रामरति ने बताया कि उसका बच्चा गुवाहाटी क आश्रम में है। लेकिन आश्रम संचालक उसे सौंपने को तैयार नहीं हैं। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सउनि अभय सिंह व प्रआर 78 सचिन नामदेव को परिजनों के साथ गुवाहाटी भेजा। टीम ने स्थानीय नूनमति थाना की मदद से लेरेलाखूड़ी मेमोरियल होम, शांतिनगर आश्रम में दबिश दी।

पहले बच्चे की उपस्थिति से इंकार किया

आश्रम की अध्यक्ष प्रेमलता सैक्या ने शुरुआत में बच्चे की मौजूदगी से इंकार किया और उसके पुत्र ने पुलिस टीम के साथ हमला कर झूमाझटकी और दुर्व्यवहार किया। जांच में पता चला कि बच्चे का नाम और अभिभावक का नाम बदल कर स्कूल रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री कर दी गई थी। आश्रम संचालिका ने खुद को बच्चे की अभिभावक बताकर उसे अपने कब्जे में रखा था। पुख्ता सबूत मिलने पर नूनमति थाना, जिला गुवाहाटी में प्रेमलता सैक्या और उसके पुत्र के खिलाफ अपराध क्रमांक 68/25 अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 132, 137(2), 351(2), 238, 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।

ये है पूरा मामला

दरअसल दिमागी रूप से कमजोर रामरति 2022 में अपने बच्चे को लेकर घर से गायब हो गई। पहले वह गुवाहाटी पहुंची जहां पर आश्रम संचालकों ने उसका बच्चा छीन लिया। स्थानीय प्रशासन ने महिला को मानसिक रूप से विक्षिप्त मानते हुए इलाज के लिए केरल भेज दिया। जब इसके एमपी के होने का पता चला तो इंदौर भेज दिया। वहां से दमोह पुलिस को इसकी सूचना मिली तब जाकर के महिला और बच्चे के बारे में पता चला। रामरति ने बताया कि बच्चा गुवाहाटी के आश्रम में है।

साथ ही दमोह पुलिस बच्चे को सकुशल लेकर वापस पहुंची और परिजनों को सौंप दिया। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने इसे एक बड़ी कामयाबी मानते हुए कहा कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होता है और इसकी गहन जांच की जा रही है।