18 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गेहूं उपार्जन में 77 हजार 337 किसानों ने किए पंजीयन, इनमें से सिर्फ 9236 की स्लॉट बुकिंग

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकारी रेकॉर्ड में भले ही 15 अप्रेल से शुरू हो गई है लेकिन हकीकत में किसान स्लॉट बुकिंग के लिए ही परेशान हो रहे हैं। 77 हजार 337 पंजीकृत किसानों में से अबतक सिर्फ 9 हजार 236 किसानों के ही स्लॉट बुक हो सके हैं।ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की तकनीकी […]

3 min read
Google source verification

सागर

image

Rizwan ansari

Apr 18, 2026

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकारी रेकॉर्ड में भले ही 15 अप्रेल से शुरू हो गई है लेकिन हकीकत में किसान स्लॉट बुकिंग के लिए ही परेशान हो रहे हैं। 77 हजार 337 पंजीकृत किसानों में से अबतक सिर्फ 9 हजार 236 किसानों के ही स्लॉट बुक हो सके हैं।
ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की तकनीकी समस्या से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वेयर हाउस फुल होने के कारण खरीदी केंद्रो को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इस वजह से किसानों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। केरबना वाला खरीदी केंद्र सनौधा नदी के पास शिफ्ट कर दिया गया है। इससे किसानों को करीब 8 किमी दूर जाना पड़ रहा है।

40 रुपए का बोनस, तकनीकी संकट में घंटों कर रहे इंतजार

गेहूं की खरीदी 15 अप्रेल से शुरू हो गई है। किसानों को प्रति क्विंटल 2585 रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त 40 रुपए का बोनस मिल रहा है, यानी कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल। पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक चला था, कर्रापुर, देवरी, बीना और केसली क्षेत्रों में ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग की तकनीकी समस्या, बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। कई केंद्रों पर खरीदी सुचारू नहीं चल पा रही है और घंटों इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ रहा है।

कर्रापुर में 450 किसानों के पंजीयन, कई केंद्र हुए शिफ्ट

कर्रापुर केंद्र में किसानों की सुविधा व गर्मी को देखते हुए छायादार स्थान और ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। केंद्र प्रभारी अरविंद तिवारी का दावा है कि 450 किसानों ने पंजीयन कराया है और प्रत्येक बोरी की तौल 50.200 किलोग्राम के आधार पर हो रही है। यहां किसान बारी का इंतजार करते समय कोई परेशानी महसूस नहीं कर रहे हैं। इसके विपरीत, आसपास के कई केंद्रों पर स्थिति चिंताजनक है। वेयरहाउस फुल होने के कारण कुछ खरीदी केंद्रों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। केरबना वाला केंद्र सनौधा नदी के पास स्थानांतरित किया गया, जिससे किसानों को करीब 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

देवरी में सेटेलाइट सर्वे से चढ़ाई गई थी गिरदावरी, स्लॉट नहीं मिले

देवरी कलां- देवरी, जैतपुर, पिपरिया और रिछई समितियों के खरीदी केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग की समस्या सबसे गंभीर रूप में उभरी है। किसानों का आरोप है कि सेटेलाइट सर्वे के आधार पर गिरदावरी चढ़ाई गई थी, लेकिन उसी के अनुसार स्लॉट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। परिणामस्वरूप, ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ पहुंचे किसान बिना बुकिंग के निराश लौट रहे हैं। जैतपुर-पिपरिया समिति के संचालक ने बताया कि केंद्र क्रमांक 1 पर लगभग 30 किसानों की बुकिंग हुई और 1200 क्विंटल गेहूं की खरीदी पूरी की जा चुकी है। देवरी कला केंद्र पर 80 किसानों की बुकिंग के साथ करीब 800 क्विंटल उपज खरीदी गई। रिछई समिति के केंद्र पर भी 30 किसानों के स्लॉट बुक हो सके और 800 क्विंटल की खरीदी हुई। फिर भी सैकड़ों किसान घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं।

बीना में 6 केंद्रों पर तकनीकी एरर से शुरू नहीं हो सकी खरीद

बीना क्षेत्र में स्थिति और अधिक चिंताजनक है। यहां कुल 6 खरीदी केंद्र संचालित हैं, लेकिन शुक्रवार तक कई केंद्रों पर खरीदी शुरू ही नहीं हो सकी। तकनीकी एरर के कारण स्लॉट बुकिंग ठप पड़ी हुई है। कुछ समितियों पर केवल पांच-पांच स्लॉट ही बुक हो पाए हैं। बारदाना सभी केंद्रों पर 20-20 गठान पहुंच चुका है और समिति संचालक खरीदी के लिए तैयार हैं, लेकिन स्लॉट न बनने से किसान केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे।

केंद्रों पर नहीं पहुंचा बारदाना इसलिए बंद करनी पड़ी खरीद

केसली - टड़ा, सहजपुर, नयानागर, नाहरमऊ, पटना सरियापानी, बम्होरी और थावरी को खरीदी केंद्रों की स्वीकृति मिली है। टड़ा और नयानगर में बारदाना उपलब्ध न होने से खरीदी बंद रही। शेष चार केंद्रों पर शुक्रवार को किसानों ने स्लॉट बुक किए और उपज बेची। शुक्रवार को 533 किसानों ने स्लॉट बुक किए, जिनमें मात्र 58 किसान ही अपनी उपज बेच पाए। इनसे 1183 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। केंद्र चालू होने से अब तक सभी केंद्रों पर कुल 2616 क्विंटल गेहूं का उपार्जन हुआ है।
शुरुआती दिनों में स्लॉट बुकिंग व कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। - मुनब्बर खान, एसडीएम देवरी