
भोपाल-सागर नेशनल हाइवे पर बेगमगंज के पास निर्माण कार्य के दौरान एजेंसी की लापरवाही ने एक युवक की जिंदगी को संकट में डाल दिया। भोपाल से सागर आते वक्त रात करीब 2 बजे पुलिया पर बाइक अनियंत्रित होकर गिरी। यहां 12 एमएम का सरिया बाइक सवार युवक के सीने में धंसकर आर-पार हो गया। गनीमत रही कि दिल के बेहद पास से सरिया निकला जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।
लकी माली उम्र 30 साल निवासी भोपाल डीजे संचालन के काम से भोपाल से सागर आ रहा था। 10 अप्रेल की रात करीब 2 बजे वह बेगमगंज से निकल रहा था। यहां पुलिया निर्माण चल रहा था, लेकिन वहां अंधेरा पसरा था और कोई संकेतक नहीं था। वह जब तक संभलता उसकी बाइक पुलिया के नीचे जा गिरी। यहां उसके सीने में 12 एमएम का सरिया धंस गया। हादसे के बाद वह दो घंटे वहीं तड़पता रहा। राहगीरों ने जब उसे दुर्घटनाग्रस्त होने पर जख्मी हालत में देखा तो लोगों की मदद से सरिया काटा और युवक को बेहोशी की हालात में अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन को सूचना दी। उसका उपचार सागर के निजी अस्पताल में चल रहा है।
युवक के सीने में सरिया आर-पार निकला था। मरीज के आने पर डॉक्टर्स की टीम ने उपचार शुरू किया। जांचें करने के बाद ओटी में शिफ्ट किया। जहां करीब 2 घंटे की सर्जरी करने के बाद सरिया को सीने से बाहर निकाला गया। युवक को वेंटिलेटर पर रखा गया। चार दिन बाद युवक की हालत में सुधार हुआ है, तब वेंटिलेटर हटाकर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
घायल लकी ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां निर्माण कार्य चल रहा है। इसी के कारण वहां निर्माण साम्रगी पड़ी हुई है। जब वह रात को वहां से गुजर रहा था तो उस जगह अंधेरा पसरा था। कंस्ट्रक्शन साइट होने का कोई संकेतक नहीं था और कोई साइन बोर्ड लगा था। जिन स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, उनका कहना था कि उस जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। यह निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
घायल का इलाज करने वाले डॉक्टर मनीष राय ने बताया कि घायल बहुत ही किस्मत वाला है, हादसे में सरिया उसके दिल से मात्र तीन सेमी पास से सरिया आरपार हो गया। अगर 1-2 सेमी भी इधर-उधर होता तो शायद मरीज की जान बचा पाना मुश्किल हो जाता। लकी को गंभीर हालत में अस्पताल आया था। उसके सीने में सरिया धंसा था। तत्काल सीनियर सर्जन डॉ संतोष राय, एनेस्थेटिक डॉ स्वाति जैन, एनेस्थेटिक डॉ अंशुल नेमा ने सबसे पहले सीटी स्केन किया, रक्तस्राव को रोका गया। टीम ने जांचें कराने के बाद मरीज का ऑपरेशन शुरू किया। करीब 2 घंटे की सर्जरी के बाद सरिया निकाला गया। मरीज को स्टेबल किया। सर्जरी के बाहर मरीज की हालत में सुधार आया है। अब वह बात कर रहा है। फिलहाल खतरे से बाहर है।
कंस्ट्रक्शन साइट पर बैरिकेडिंग होनी चाहिए, शंकुओं से सुरक्षित घेरा बनाना चाहिए।
रात में रौशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए फ्लडलाइट्स या लाइट टॉवर लगाने चाहिए।
रात में वाहनों को सचेत कर हादसे रोकने के लिए ब्लिंकर लाइटें लगाए जाने चाहिए।
वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने रंबल स्ट्रिप्स व गति सीमा के बोर्ड लगाने चाहिए।
कंस्ट्रक्शन साइट के दोनों तरफ रिफ्लेक्टिव चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाने चाहिए।
रात में प्रशिक्षित फ्लैगर्स को चमकीली छड़ी के साथ वाहनों को दिशा दिखाने तैनात करना चाहिए।
Published on:
18 Apr 2026 05:12 pm
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