1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महार रेजिमेंट सेंटर में गूंजा शहीदों का जयघोष, वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

शहीद जवानों के परिजन व अधिकारियों ने उल्लास के बीच मनाया 79 वां स्थापना दिवस

2 min read
Google source verification

सागर

image

Sanjay Sharma

Oct 02, 2019

महार रेजिमेंट सेंटर में गूंजा शहीदों का जयघोष, वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

महार रेजिमेंट सेंटर में गूंजा शहीदों का जयघोष, वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

सागर. महार रेजिमेंट सेंटर में मंगलवार को 79 वे स्थापना दिवस पर देश के विभिन्न स्थानों से आए पूर्व सैनिक, उनके परिजन और सेना के अधिकारियों ने रेजिमेंट के शहीदों को याद किया। रेजिमेंट सेंटर में स्थित वॉर मेमोरियल पर सेना के अधिकारी और परिजनों द्वारा श्रद्धांजलि के रूप में पुष्पचक्र अर्पित किए गए। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। महार रेजिमेंट सेंटर में स्थापना दिवस पर रेजिमेंट की ओर से डिप्टी कमांडेंट कर्नल चौबे ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को सलाम किया। इस अवसर पर वॉर मेमोरियल को भी फूलों से सजाया गया था।

गौरवशाली रहा है महार रेजिमेंट का इतिहास -

स्थापना की वर्षगांठ मना रहे महार रेजिमेंट अपना गौरवशाली इतिहास सहेजे हुए है। 1 अक्टूबर 1941 को स्थापना के बाद अब रेजिमेंट 21 इन्फेंट्री बटालियन, दो टीए बटालियन, तीन राष्ट्रीय रायफल बटालियन और एक टास्क फोर्स बटालियन के रूप में भारतीय सेना का बड़ा हिस्सा बन गई है। रेजिमेंट में देश के हर वर्ग, जाति और संप्रदाय के लोगों का समावेश है। देश की सभी सीमाओं के अलावा श्रीलंका में शांति सेना, पाकिस्तान विभाजन और संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से अफ्रीकी देशों में भी तैनाती के दौरान रेजिमेंट के जवान वीरता दिखा चुके हैं। खेल स्पर्धाओं में देश और देश के बाहर भी रेजिमेंट के जवानों ने लोहा मनवाया है।

देश को दिए दो सेनाध्यक्ष और परमवीर जवान -

अदम्य साहस और वीरता के लिए एक ओर रेजिमेंट के मेजर रामास्वामी परमेश्वरन को सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र तो दूसरी ओर शांतिकाल में शौर्य के लिए सूबेदार सुरेशचंद्र यादव को अशोक चक्र प्रदान किया गया है। अब तक रेजिमेंट के 2262 जवान विभिन्न सम्मानों से अलंकृत हो चुके हैं। रेजिमेंट ने देश को दो सेनाध्यक्ष जनरल केवी कृष्णा राव और जनरल के.सुंदरजी दिए हैं जिनका कार्यकाल भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का अहम दौर रहा है।