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804 बोरी धान गायब, इओडब्ल्यू की छापामार कार्रवाई में स्टॉक में 401 क्विंटल माल कम मिला

खरीदी में फर्जीवाड़ा: छिरारी सहकारी समिति के वेयर हाउस पहुंची टीम सागर. समर्थन मूल्य पर की गई धान खरीदी में जिले में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने खरीदी करने वाली सहकारी समितियों के साथ मिलकर 804 बोरी धान गायब कर दी है। इसका खुलासा इओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) […]

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सागर

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Nitin Sadaphal

Mar 08, 2025

वेयर हाउस में जांच करती इओडब्ल्यू की टीम

वेयर हाउस में जांच करती इओडब्ल्यू की टीम

खरीदी में फर्जीवाड़ा: छिरारी सहकारी समिति के वेयर हाउस पहुंची टीम

सागर. समर्थन मूल्य पर की गई धान खरीदी में जिले में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने खरीदी करने वाली सहकारी समितियों के साथ मिलकर 804 बोरी धान गायब कर दी है। इसका खुलासा इओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) की छापामार कार्रवाई में हुआ है। जिले के रहली क्षेत्र स्थित छिरारी सहकारी समिति के वेयर हाउस पर यह घोटाला पकड़ा गया है। कार्रवाई में अधिकारियों को वेयर हाउस में 401 क्विंटल माल कम मिला है।

दरअसल इओडब्ल्यू की 25 टीमों ने एक साथ 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयर हाउस पर छापामार कार्रवाई की गई थी। जांच-पड़ताल में सभी जगह 19910 क्विंटल धान की हेराफेरी पकड़ में आई है, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसमें सागर जिले के रहली क्षेत्र स्थित छिरारी सहकारी समिति भी शामिल है। यह पहली बार नहीं है जब छिरारी सहकारी समिति फर्जीवाडे़ में घिरी हो, इसके पहले ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी में भी यहां 500 क्विंटल अमानक मूंग पाई गई थी।

मूंग खरीदी में भी हुआ था फर्जीवाडा़

शासन ने ग्रीष्मकालीन मूंग का समर्थन मूल्य 8558 रुपए प्रति क्विंटल तय किया था। जिसके लिए जिले के 16089 किसानों ने पंजीयन कराए थे, इसमें से 10332 किसानों से 1 लाख 97 हजार 196 क्विंटल मूंग की खरीदी की गई थी। मूंग खरीदी में सहकारी समितियों ने सर्वेयर की मिलीभगत से व्यापारियों का कचरा माल खरीद लिया। अगस्त 2024 में भोपाल स्तर से आई टीमों ने जब जिले भर के खरीदी केंद्रों पर जांच-पड़ताल की 38 में से 22 समितियों की 22520 क्विंटल मूंग को अमानक घोषित करते हुए रिजेक्ट कर दिया गया था, जिसकी कीमत करीब 19.27 करोड़ रुपए आंकी गई थी। मूंग खरीदी विपणन संघ कर रहा था, जब फर्जीवाड़ा सामने आया तो कार्रवाई करने की जगह समितियों को ग्रेडिंग का समय दिया और मामला रफा-दफा कर दिया गया।

पत्रिका व्यू

भंडारण कराने वाले अधिकारी की तय हो जिम्मेदारी

सरकारी खरीदी के दौरान यदि फर्जीवाडा़ हुआ है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी खरीदी करने वाली सहकारी समिति और सर्वेयर की होती है, लेकिन वेयर हाउस में भंडारण के बाद यदि माल गायब हुआ है, या फिर भंडारण केवल कागजों पर किया गया है तो इसकी जिम्मेदारी नागरिक आपूर्ति निगम और वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की होती है। वेयर हाउस में कम मिली 804 बोरियां कहां गई यह तो जांच का विषय है ही, लेकिन इसके साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

इओडब्ल्यू की कार्रवाई के संबंध में जानकारी नहीं है। करीब एक माह पहले मेरा तबादला विदिशा हो गया था।
अनिल कुमार तंतुवाय, तत्कालीन खाद्य आपूर्ति नियंत्रक