
बीएएमएस डॉक्टर की डिग्री की जांच करते हुए
बीना. ग्राम भानगढ़ में मंगलवार की सुबह कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम विजय डेहरिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की और एक क्लीनिक को सील किया गया है। साथ ही एक बीएएमएस डॉक्टर अंग्रेजी दवाओं का उपयोग करते हुए मिलने पंचनामा कार्रवाई कर डिग्री निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने एक क्लीनिक पर कार्रवाई की, जो मलखान पटेल की थी। इलाज कर रहे डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं थी और अंग्रेजी दवाएं क्लीनिक पर मिलीं। अवैध रूप से चल रही क्लीनिक को एसडीएम ने सील कराया है। श्रद्धा क्लीनिक, जो डॉ. देवेन्द्र सिंह ने अपने निवासी पर ही खोल रही थी। उनके पाए बीएएमएस की डिग्री है, जिसपर वह आयुर्वेदिक इलाज कर सकते हैं, लेकिन क्लीनिक पर एविल, डेक्सामिथासोन इंजेक्शन सहित टेबलेट मिली हैं। अवैध रूप से दवाएं रखकर एलोपैथी पद्धति से इलाज करते हुए मिलने पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए डिग्री निरस्त कराने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। क्लीनिक घर में संचालित होने के कारण उसे सील नहीं किया गया है, लेकिन इलाज न करने की के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि दोनों डॉक्टरों पर एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ न हो सके।
यह हैं क्लीनिक पर इलाज करने के नियम
बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि जिस व्यक्ति के पास एमबीबीएस की डिग्री नहीं है, वह एलोपैथी पद्धति से इलाज नहीं कर सकता है। साथ ही एमबीबीएस डिग्री होने के बाद भी यदि सीएमएचओ का पंजीयन और मेडिकल काउंसिल का पंजीयन न होने पर भी वह एलोपैथी पद्धति से इलाज करने के लिए वैध नहीं होते। बीएएमएस डिग्री वाले डॉक्टर सिर्फ आयुर्वेदिक इलाज कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वह जहां भी इलाज कराने जाएं डॉक्टर की डिग्री का पहले पता लगाएं, फिर इलाज कराएं।
Published on:
17 Sept 2025 12:11 pm
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