
धूप से यात्रियों को राहत देने शेड तो बना दिया, लेकिन प्लेटफार्म पर काम की गति धीमी
सागर. रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर हालही में बीना खंड पर शेड के विस्तार का काम कराया गया था। यात्रियों की सुविधा के लिए शेड लगाए जा चुके हैं, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा प्लेटफार्म पर धीमी गति से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आलम यह है कि पैदल चलने वाली जगह पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। पेवर ब्लॉक भी नहीं बिछाए गए हैं। इससे यात्रियों के गिरकर घायल होने की आशंका बनी हुई है। बता दें कि इस प्लेटफार्म पर प्रतिदिन 5 हजार से अधिक यात्री ट्रेनों में सफर मौजूद रहते हैं। पाथवे की हालत जर्जर होने के कारण दौड़कर यात्री बोगी में चढऩे वाले यात्री गिर कर घायल हो सकते हैं। वहीं, ट्रेन की चपेट में भी आ सकते हैं। अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन के रवाना होने पर कई यात्री दौड़कर ट्रेन पकड़ते हैं। पूर्व में इसी प्लेटफार्म पर कुछ मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बोगी में चढ़ते समय यात्री गिरकर ट्रेन के नीचे आ गए और उनकी मौत हो गई। इंजीनियरिंग विभाग जर्जर पाथवे को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यह स्थिति शेड विस्तार से पहले भी थी।
-यहां भी नहीं दे रहे ध्यान
शेड निर्माण के दौरान यात्रियों के बैठने तक के लिए जगह नहीं है। पिलर के नीचे बैठने के लिए जगह अभी तक तैयार नहीं हुई है। टाइल्स न लगने के कारण इन जगहों से सीमेंट झडऩे लगी है। वहीं, प्लेटफार्म नंबर १ मेनगेट के सामने कई जगहों पर टाइल्स टूटे हुए हैं। जर्जर टाइल्स के आसपास पानी भर जाता है। इस संबंध में जानकारी होने के बाद भी प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ट्रेन के रवाना होने पर यात्रियों की नजर यदि इस जगह पर नहीं पड़ती है तो यात्री फिसलकर गिर भी सकते हैं।
शेड के विस्तार का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। प्लेटफार्म की मरम्मत भी कराई जाना है। जल्द यह काम शुरू कराया जाएगा।
नरेंद्र सिंह, स्टेशन प्रबंधक
Published on:
20 Feb 2020, 12:02 PM IST
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