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पति की मृत्यु के बाद ससुर पर भरण पोषण का किया था दावा, न्यायालय ने दहेज का सामान वापस कराकर कराई सुलह

बीना. नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को न्यायालय परिसर में किया गया, जिसमें छह खंडपीठों का गठन किया गया था। सभी खंडपीठों पर करीब 4278 प्रकरणों को रखा गया था, जिसमें 1042 मामलों को निराकृत किया गया।नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, द्वितीय जिला न्यायाधीश संजय जैन, प्रथम जिला […]

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After the death of her husband, she had claimed maintenance from her father-in-law; the court secured reconciliation by returning the dowry items.

न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के सामने सामान लौटाते हुए

बीना. नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को न्यायालय परिसर में किया गया, जिसमें छह खंडपीठों का गठन किया गया था। सभी खंडपीठों पर करीब 4278 प्रकरणों को रखा गया था, जिसमें 1042 मामलों को निराकृत किया गया।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, द्वितीय जिला न्यायाधीश संजय जैन, प्रथम जिला न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार कुंडू, न्यायाधीश शरद जोशी, मीनाक्षी जोशी, मृदुल जैन और सलोनी जैन ने किया। द्वितीय जिला न्यायाधीश के न्यायालय में सोना प्रजापति ने पति की मृत्यु के बाद ससुर मि_ूलाल प्रजापति निवासी बेलई पर भरण-पोषण का दावा किया था। इस मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। साथ ही महिला के ससुर से दहेज का सामान अलमारी, पलंग, बर्तन आदि सामान वापस कराकर राजीनामा कराया। इस मामले में प्रशिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ता वीरेन्द्र प्रजापति ने भी मध्यस्थता की। इसी तरह खिरिया वार्ड निवासी छात्र के विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मामले में छात्र के साथ नशे की हालत में एक युवक ने रास्ता रोककर मारपीट की थी। न्यायाधीश शरद जोशी ने दोनों पक्षों को आपसी प्रेम, शांति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की समझाइश दी, जिसपर दोनों पक्षों ने पुराने विवाद को भुलाकर राजीनामा किया। छह खंडपीठों में प्रीलिटिगेशन के करीब 3483 प्रकरणों को रखा गया था, जिसमें 852 मामलों को निराकृत किया गया और 37 लाख 53 हजार 761 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, राजीनामा योग 795 मामले न्यायालय में रखे थे, जिसमें 190 में राजीनामा होकर निराकृत किए गए और 3 करोड़ 15 लाख 451 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। निराकृत हुए मामलों में आपराधिक, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, विवाह संबंधी मामलों का निराकरण हुआ। साथ ही बैंक, बिजली कंपनी, नगर पालिका के बकायादारों के बीच सुलह कराकर राशि जमा कराई गई। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रविंद्र जैन, सह सचिव सूरज सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, मनीष दीक्षित, उमेश तिवारी, हरिशंकर पटेल, हरीश गोलंदाज दीपेंद्र श्रीवास्तव, नेहा मिश्रा, कमलेश बिजोरिया, केके ताम्रकार, भूपेंद्र राय, सुरेंद्र सोनी आदि ने सहयोग किया।