रिक्रूटमेंट ऑफिसर द्वारा दिए गए विशेष ट्रेन के प्रस्ताव में सबसे बड़ी बाधा नईदिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक का भारी ट्रैफिक है। यहां ट्रेनों की संख्या अधिक होने के कारण विशेष ट्रेन के लिए शैड्यूल तैयार कर पाना रेल अधिकारियों के सामने बड़ा सवाल है। इसके अलावा रैक का इंतजाम और मंत्रालय स्तर पर अनुमति को लेकर भी मामला अभी प्राथमिक स्तर पर ही है।
हुड़दंग रोकने सेना ने रेलवे से मांगी विशेष ट्रेन
शनिवार से शुरू होकर 12 दिन चलने वाली सेना भर्ती में 75 हजार नौजवानों के आने-जाने के लिए रेलवे से विशेष ट्रेन की मांग की गई है। भर्ती के लिए हजारों नौजवानों के आने से ट्रेनों में बढऩे वाली अतिरिक्त भीड़ और उससे होने वाली अव्यवस्था को देखते हुए रिक्रूटमेंट ऑफिसर की ओर से यह प्रस्ताव जबलपुर मंडल के सीनियर अफसरों को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार सेना ने यह मांग ग्वालियर क्षेत्र से आने वाले युवाओं के लिए की है, क्योंकि यहीं के अभ्यर्थी आने-जाने के दौरान सबसे ज्यादा उत्पात करते हैं।
सेना भर्ती रैलियों में हर बार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से बड़ी संख्या में नौजवानों की भीड़ पहुंचती है। हजारों की संख्या में आने वाले उम्मीदवार रैली में आने-जाने के लिए ट्रेनों का ही सहारा लेते हैं। पहले से ओवरलोड ट्रेनों में हजारों की संख्या का भार और बढ़ जाता है। ट्रेनों में जगह न होने और अन्य यात्रियों से विवाद की स्थित बनती है।
नौजवानों के हुड़दंग और अव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सागर में अगले 10 दिन चलने वाली भर्ती रैली के दौरान ग्वालियर-भिंड और मुरैना तक विशेष ट्रेन चलाने की आवश्यकता रिक्रूटमेंट अफसरों को महसूस हुई है।