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BMC थैलेसीमिया से पीडि़त मरीजों के लिए डे-केयर यूनिट शुरू, और ये भी मिली सुविधा

36 बच्चों में 20 का हो सकता है बोनमैरो ट्रांसप्लांट

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BMC thalassemia patients start day-care unit bone marrow transplant

BMC thalassemia patients start day-care unit bone marrow transplant

सागर. बीएमसी में थैलेसीमिया से पीडि़त मरीजों के लिए डे-केयर यूनिट शुरू हो चुकी है। इसका उद्घाटन रविवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने किया। इस यूनिट के शुरू होने से थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों को इस यूनिट में ब्लड चढ़ाए जाने की सुविधा रहेगी। ओपीडी में आने के बाद बीमारी से पीडि़त बच्चे का हीमोग्लोबिन टेस्ट कराया जाएगा।
10 से कम हीमोग्लोबिन होने पर उसे दोपहर में ब्लड चढ़ाया जाएगा और शाम को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन ने बताया कि बीएमसी में अभी बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है। जिले में 40 से ज्यादा बच्चों को यह बीमारी है। इन बच्चों को दस से बीस दिन के बीच खून की जरूरत पड़ती है। एेसे में इन बच्चों के लिए यह यूनिट शुरू की गई है।
-मुफ्त दिया जाता है ब्लड- थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों को ब्लड मुफ्त में दिया जाता है। डोनर की जरूरत नहीं पड़ती है। ब्लड बैंक में एसे बच्चों के लिए ब्लड रिजर्व में रख पाना चुनौतीपूर्ण रहता है।
कई ब्लड ग्रुप के आधार पर ब्लड न होने पर यहां-वहां से व्यवस्था करनी पड़ती है।
डॉ. जैन ने बताया कि यूनिट के साथ एेसे बच्चों को गंभीरता से भी लिया जाएगा। ओपीडी काउंटर पर हेल्प डेस्क भी लगाई गई है। ताकी यहां आने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उद्घाटन के दौरान बीएमसी डीन डॉ. जीएस पटेल, अधीक्षक डॉ. आरएस वर्मा, डॉ.मनीष जैन आदि उपस्थित थे।

36 बच्चों में 20 का हो सकता है बोनमैरो ट्रांसप्लांट
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में रविवार को प्रबंधन व रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों के लिए शिविर का आयोजन किया गया। दिल्ली के बोनमैरो ट्रांसप्लांट (अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण) स्पेशलिस्ट डॉ. गौरव खरिया ने 42 बच्चों की जांच की। इनमें 34 बच्चे सागर जिले के थे। 8 अन्य जिलों के थे। इनमें 36 बच्चों को थैलेसीमिया था। ६ को अन्य बीमारी थी। इनमें से 20 बच्चों में बोनमैरो ट्रांसप्लांट की संभावना जताई गई है।
लेकिन इससे पहले परिजनों को बच्चे का एचएलए टेस्ट कराने की सलाह दी गई। शिविर में खास बात यह थी कि यहां पर मेडिकल बोर्ड भी बैठा था, जहां दिव्यांगों के प्रमाण पत्र भी बनाए गए। साथ ही नि:शुल्क दवाएं भी दी गईं।
शिविर सुबह 11 बजे शिविर शुरू हुआ। इसमें बीएमसी की ओर से डीन डॉ. जीएस पटेल, अधीक्षक डॉ. आरएस वर्मा, डॉ. मनीष जैन मुख्य रूप से मौजूद थे। वहीं रोटरी क्लब अध्यक्ष अभिषेक जैन, समन्वयक मुकेश साहू, आकाश बजाज, डॉ. शोभित जैन, सनी भाटियाय, नमन समैया, राहुल सोधिया, राहुल जैन, रोहित मिश्रा, निखिल , समीर जैन और अशोक जैन मौजूद रहे। मेडिकल बोर्ड में डॉ. जयंत, अतिशय जैन, राघवेंद्र चौबे शामिल थे।