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किसान की जमीन के बंटवारे के एवज में रिश्वत लेने वाले पटवारी शैलेंद्र सकवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी एडीपीओ एलपी कुर्मी ने की। जानकारी के अनुसार भूपेंद्र लोधी ने 3 नवंबर 2019 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, जिसमें उसने बताया कि लिधौरा हाट गांव में उसकी करीब 5 एकड़ पैतृक कृषि भूमि है, जिसका उसके पिता कोमल सिंह लोधी व चाचा प्रताप सिंह लोधी के बीच बंटवारा होना है। पिता ने तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था, जिसके बाद तहसीलदार ने हल्का पटवारी शैलेंद्र सकवार को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया, एक साल बीतने के बाद भी पटवारी ने जमीन का सीमांकन-बंटवारा नहीं कराया। इसके बाद जब भूपेंद्र पटवारी के पास पहुंचे तो उन्होंने काम करने के एवज में 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की और 15 हजार रुपए में बात तय हो गई। तत्कालीन लोकायुक्त एसपी रामेश्वर यादव ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ट्रैप दल नियुक्त किया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई। लोकायुक्त टीम ने 5 नवंबर की सुबह आरोपी पटवारी शैलेंद्र सकवार को केशवगंज वार्ड स्थित उसी के घर में सुबह 9.15 बजे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था। लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया, जहां साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
Published on:
12 May 2025 04:09 pm
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