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बर्फीली हवा और कोहरे के आगोश में बुंदेलखंड, नौगांव सबसे सर्द

नए साल के पहले सप्ताह में ही बुंदेलखंड शीतलहर और कोहरा की चपेट में है। सोमवार को मप्र में छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा। यहां रात का पारा 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीना में ओस जम गई। सागर में इस सीजन के सबसे ठंडे रात और दिन रहे। रात का पारा पहली बार लुढ़ककर 7.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

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सागर

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Rizwan ansari

Jan 06, 2026

नए साल के पहले सप्ताह में ही बुंदेलखंड शीतलहर और कोहरा की चपेट में है। सोमवार को मप्र में छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा। यहां रात का पारा 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीना में ओस जम गई। सागर में इस सीजन के सबसे ठंडे रात और दिन रहे। रात का पारा पहली बार लुढ़ककर 7.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
सोमवार सुबह 9 बजे तक सागर घने कोहरे की चपेट में रहा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम रही, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में रात का पारा 2.5 डिग्री तक गिरा है। शहर का न्यूनतम तापमान 7.5 सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से 2 डिग्री कम 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

दो दिन नहीं मिलेगी राहत

मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवात परिसंचरण के रूप में उत्तर पाकिस्तान व निकटवर्ती क्षेत्र में समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। वहीं उत्तर पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम हवाएं 240 किमी प्रति घंटे की ऊंचाई से बह रही हैं। अगले दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा और तापमान में और गिरावट आने का अनुमान है।

मौसम में गलन, डॉक्टरों ने दी सलाह- सुबह धूप खिलने तक न निकलें घर से

संभाग में बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात की बढ़ी हुई सर्दी का असर दिन में भी महसूस किया जा रहा है, जिससे वाहन चालकों को हाथ-पैरों में सुन्नपन महसूस हो रहा है। स्कूलों का समय बढ़ाने के बाद भी सुबह से 9 बजे तक कोहरा रहने से बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सागर डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि शीतलहर में 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और 5 साल से कम उम्र बच्चों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। हाइपोथर्मिया को मेडिकल इमरजेंसी माना जाए, लक्षण दिखते ही मरीज को अस्पताल पहुंचाए।

आप ध्यान रखें, यह लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर से करें परामर्श

गंभीर हाइपोथर्मिया से पीडि़त व्यक्ति बेहोश हो सकता हैं। जिससे उसकी नाड़ी या सांस की गति थीमी हो जाती है, ऐसी स्थिति में तत्काल आपातकालीन सहायता प्राप्त की जाएं।
फ्रॉस्टबाइट के संकेत जैसे सुन्नता, सफेदी या काले छाले दिखें तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। शरीर के खुले हिस्सों जैसे उंगलियों, पैर के पंजे, नाक, कानों पर काले छाले पड़ सकते हैं जो प्राय: फ्रॉस्टबाइट के लक्षण हैं।
लंबे समय तक ठंड में रहने से त्वचा पीली सक्त, सुन्न पड़ सकती हैं। शीतलहर में सर्दी खांसी होना, नाक बहना, नाक से खून आने जैसे कई रोग बढ़ जाते हैं।

ऐसा रहा जिलों में मौसम

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान

नौगांव 19 1.0
खजुराहो 19.6 5.4
दमोह 19.5 6.8
टीकमगढ़ 20.0 3.5
सागर 21.5 7.5
(नोट-तापमान डिग्री सेल्सियस में है)