
चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में गूंजे शैलपुत्री के जयकारे
सागर. माता की अराधना के साथ शनिवार को चैत्र नवरात्र का पर्व शुरू हो गया। पहले दिन सुबह से मातामंदिरों में श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए पहुंचे। नवरात्र के पहले दिन अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना हुई। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आरधना हुई। इस बार शक्ति की उपासना का पर्व 9 दिन की बजाय 8 दिन का रहेगा। सनातन धर्म की मान्यता अनुसार हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 207६ की शुरूआत हुई है।
चैत्र नवरात्र के रानगिर, चकराघाट स्थित शीतला देवी मंदिर, बाघराज स्थित हरसिध्दि मंदिर, राहतगढ़ स्थित बड़ी देवी के मंदिरों में महिलाएं सुबह से जल चढ़ाने पहुंची। अन्य देवी मंदिरों में कलश स्थापना का आयोजन हुआ। वहीं चकराघाट पर प्रशासन द्वारा इस साल सफाई नहीं करवाई गई। घाट और यहां बने कुएं गंदगी रही, इससे श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने में परेशानी हुई।
हरसिद्धि माता के मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु
पहाडों और घने जंगलों के बीच रानगिर में हरसिद्धि माता के मंदिर में श्रध्दालुओं का तातां लगा। यहां पर दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आए। चैत्र नवरात्रि के मौके पर मेले का भी आयोजन किया गया। बाघराज स्थित हरसिध्दि मंदिर में शतचंडी यज्ञ की शुरूआत चैत्र नवरात्र के साथ हुई। शुभ मुहूर्त में जवारे की कलश स्थापना हुई। श्री हरसिध्दी देवी बाघराज समिति के तत्वाधान में यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
मानस मंदिर में हुई कार्यक्रम
नववर्ष की शुरूआत पर ढाना के मानस मंदिर में माता की पूजन भक्तों ने की। पं दीपक पौराणिक ने बताया कि माता के पूजन के बाद यहां गुरु पूजन का कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर राजमणि तिर्की,महावीर भदौरिया, घनश्याम ठाकुर,भानु पांडेय,आसीश तिवारी,राजू पांडेय,अनिल कोष्टी,राम ठाकुर,भूपेंद्र ठाकुर,भूपेंद्र ठाकुर,सुकदेव मिश्रा, बंटी मिश्रा, गणेश दुबे और बल्लू मासाब आदि मौजूद रहे।
Published on:
06 Apr 2019 11:04 pm
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
