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प्रकाश पर्व पर दूसरे के जीवन में उजाला कर गईं चम्पा जैन

नेत्रदान के साथ परिजनों ने देहदान भी किया सागर. प्रकाश पर्व दीपावली पर बाहुबली कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय चंपा जैन की आकस्मिक मौत के बाद परिजनों ने उनका नेत्रदान व देहदान किया। परिजनों ने बताया कि चंपा जैन की इच्छा थी कि उनके जाने के बाद उनकी आंखें दान कर दी जाएं। विगत वर्ष ही […]

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सागर

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Nitin Sadaphal

Nov 03, 2024

देहदान करने पहुंचे परिजन

देहदान करने पहुंचे परिजन

नेत्रदान के साथ परिजनों ने देहदान भी किया

सागर. प्रकाश पर्व दीपावली पर बाहुबली कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय चंपा जैन की आकस्मिक मौत के बाद परिजनों ने उनका नेत्रदान व देहदान किया। परिजनों ने बताया कि चंपा जैन की इच्छा थी कि उनके जाने के बाद उनकी आंखें दान कर दी जाएं। विगत वर्ष ही उन्होंने नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा था। बीती रात करीब 1.30 बजे साइलेंट अटैक से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने मां की इच्छा पूरी करने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे से संपर्क किया, सुबह करीब 7.30 डॉ. प्रवीण खरे अपनी टीम के साथ बाहुबली कॉलोनी पहुंचे और डॉ. आदेश, डॉ. आयुषी महाजन, स्टाफ नर्स चेतना और पैरामेडिकल स्टाफ अनिकेत की मदद से कॉर्निया प्रीजर्व कीं। नेत्रदान के बाद दोपहर में परिजनों ने बीएमसी के एनाटॉमी विभाग पहुंचकर देहदान कराया।

डॉ. प्रवीण खरे की मानें तो मृत्यु के 6 घंटे के अंदर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए लेकिन इस मामले में कॉर्निया प्रीजर्व करने में थोड़ा ज्यादा समय लगा, कॉर्निया सुरक्षित कर लीं गईं हैं लेकिन डॉक्टर्स यह जांच करेंगे कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट की स्थिति में हैं या नहीं। फिलहाल बीएमसी में कॉर्निया की जरूरत के लिए 20 से अधिक मरीजों की वेटिंग है। करीब दो माह पहले ही बीएमसी के नेत्र रोग विभाग को कॉर्निया ट्रांसप्लांट का लाइसेंस मिला है और दो माह में 3 लोगों के नेत्रदान हो चुके हैं। विभाग को दान में मिली 6 कॉर्निया से 4 लोगों के जीवन में उजाला किया जा चुका है वहीं शनिवार को मिली 2 कॉर्निया यदि ट्रांसप्लांट की स्थिति में हैं तो दो और मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है।