
Cleanliness Survey
सागर. स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 की शुरूआत की जा रही है। यह सर्वेक्षण 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने ग्रामीणों से सर्वेक्षण में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की है। प्रदेश के 510 गांव होंगे इसमें शामिल होंगे।
680 जिलों में कराया जाएगा सर्वे
पंचायत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा पूरे देश के 680 जिलों में थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराएगा। इसमें मध्यप्रदेश के सभी 51 जिलों के पांच सैकड़ों गांवों का रेण्डमली चयन कर सर्वेक्षण किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी द्वारा चयनित किए गए गांवों में स्वच्छता अभियान में कराए गए कार्यों की गुणात्मकता और संख्यात्मकता का परीक्षण किया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण तीन तरह से किया जाएगा, यहां लेंगे जायजा
स्वच्छता सर्वेक्षण तीन तरह से किया जाएगा। इसमें 35 प्रतिशत अंक सिटीजन फीडबैक से, 35 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस और 30 प्रतिशत अंक सर्वेक्षण एजेंसी द्वारा मूल्यांकित किया जाएगा। मूल्यांकन के लिए एजेंसी गांव के सार्वजनिक स्थान, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थल पर साफ.-सफाई की स्थिति और व्यवस्था का जायजा लेगी। इसमें गांव के महत्वपूर्ण व्यक्तियों से भी राय ली जाएगी। इस सर्वेक्षण में प्राप्त अंकों के आधार पर देश और प्रदेश की रैंकिंग निर्धारित होगी। टॉप के जिलों को केंद्र सरकार द्वारा 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
जिले में 470 गांव ओडीएफ घोषित
स्वच्छता अभियान के जिला समन्वयक प्रदीप सिंह ने बताया कि सागर जिले के कुल 1906 गांव में से अब तक 470 गांव को सत्यापन के बाद ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। जबकि करीब 253 गांवों द्वारा किया गया ओडीएफ के दावे का सत्यापन किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि जिले के इन्हीं ओडीएफ गांव में से कुछ गांव में सर्वेक्षण किया जाएगा।
Published on:
20 Jul 2018 03:42 pm
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