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मवेशियों को रोकने में नाकाम स्टेशन पर लगाए गए काऊ कैचर, फंसकर गिर रहे लोग

सुरक्षा जाली के बाद यह प्रयास भी रेलवे का हुआ विफल, अंदर प्लेटफार्मों पर घूम रहे मवेशी

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Cow catchers installed at the station fail to stop cows, people are getting trapped and falling

काऊ कैचर से निकलने में परेशान होते यात्री

बीना. रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और मवेशियों को रोकने के उद्देश्य से बुकिंग ऑफिस के सामने लगाए गए काऊ कैचर अब खुद यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। पत्रिका टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर जब इस व्यवस्था की हकीकत जानी तो सामने आया कि यह इंतजाम सुविधा देने की बजाय यात्रियों के लिए मुसीबत बन गए हैं।
दरअसल काऊ कैचर इस तरह लगाए गए हैं कि मवेशी तो बिना किसी परेशानी के स्टेशन परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, लेकिन टिकट लेने और प्लेटफॉर्म की ओर जाने वाले यात्रियों को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था किसी खतरे से कम नहीं है।

यात्रियों ने कहा
गिरने का बना रहता है डर
बीना से ललितपुर जा रहे यात्री सुरेश आदिवासी ने बताया कि वह काम के सिलसिले में रोजाना ट्रेन से यात्रा करते हैं। हर बार स्टेशन आने पर काऊ कैचर पार करते समय गिरने का डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि कई बार पैर फिसल जाता है और संतुलन बिगडऩे से चोट लगने की आशंका रहती है।

गंदा पानी जमा होने से आती है बदबू
वहीं, यात्री पवन गुप्ता ने बताया कि काऊ कैचर में गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलती है। पानी के कारण फिसलन बढ़ जाती है और कई लोग गिर भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की समस्या दूर करने के बजाय उन्हें नई मुसीबत में डाल रही है।

सुरक्षा जाली भी नहीं आई थी काम
अपडाउनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीतेश दुबे ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर अब काऊ कैचर लगाए गए हैं, उसके पहले मवेशियों को रोकने के लिए सुरक्षा जाली लगाई गई थी, लेकिन उसका भी कोई खास लाभ नहीं मिला। अब काऊ कैचर का हाल भी वही है, गाय आसानी से अंदर चली जाती है और यात्री परेशान होते हैं। उन्होंने इसे रेलवे के रुपयों का दुरुपयोग बताया है।