
D-Merger BMC- When will a mother-childs opinion
सागर. मर्जर का मसौदा फेल होने के बाद अब मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल अलग-अलग होने वाले हैं। दोनों संस्थाओं को मरीजों के लिए बेहतर से बेहतर उपचार सुविधाएं देने की चुनौती है। बड़ी परेशानी गायनी विभाग की है, जो जस की तस है। हालांकि दोनों संस्थाएं अब गायनी और पीडियाट्रिक्स विभाग को एक ही छत के नीचे संचालित होने की वकालत कर रहे हैं। डीन डॉ. जीएस पटेल ने सिविल सर्जन डॉ. अरुण सराफ को इसी संबंध में चर्चा के लिए सोमवार को कार्यालय बुलाया है।
अस्पताल में हो सकता है गायनी विभाग
जिला अस्पताल में संचालित गायनी विभाग वर्तमान में बेहतर स्थिति में है। ग्राउंड फ्लोर पर होने के कारण प्रसूताओं को परेशानी नहीं होती। वहीं, जांच के लिए भी लैब नजदीक है, जबकि बीएमसी में यह विभाग पहले तल पर बना हुआ है। प्रसूताओं के लिए ओपीडी भी पहले तल पर नहीं है। एेसे में यहां पर प्रसूताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। माना जा रहा है कि यदि आधा डी-मर्जर हुआ तो निश्चित रूप से यह विभाग जिला अस्पताल में ही संचालित होगा। वहीं, शिशुओं के लिए एसएनसीयू की व्यवस्था सिर्फ जिला अस्पताल में है। एेसे में प्रसव उपरांत कम वजन और गंभीर शिशुओं के उपचार के लिए जिला अस्पताल ही बेहतर जगह होगी।
मंत्री बोले..जल्द आएगा आदेश
छह नए कक्षों के निर्माण के संबंध में भूमि पूजन करने आए गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पत्रिका से खास चर्चा में कहा कि प्रमुख सचिव छुट्टी पर होने के कारण डी-मर्जर के संबंध में पत्र जारी नहीं हो पाए हैं, लेकिन जल्द ही पत्र जारी होंगे। उन्होंने कहा कि सीएम ने इसकी घोषणा कर दी थी। साथ ही दोनों विभागों के पीएस को इसके संबंध में अवगत भी करा दिया था। उन्होंने कहा कि मर्जर तो होना ही नहीं चाहिए था।
७ फरवरी को पत्रिका ने शीर्षक 'डी-मर्जर से फिर शुरू होगी रेफर की कहानी, प्रसूताओं की बढ़ेगी परेशानीÓ नाम से खबर प्रकाशित की थी। डी-मर्जर से सबसे ज्यादा परेशानी प्रसूताओं को हो सकती है। इसके संबंध में दोनों प्रबंधनों को अवगत कराने का प्रयास किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद दोनों संस्थाओं के प्रमुख अब इसके लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि यह प्रक्रिया लागू करना मुख्यालय स्तर की बात नहीं है। इसके लिए शासन से अनुमति लेना पड़ेगी।
गायनी विभाग चुनौती है। इसमें प्रसूताओं को परेशानी हुई थी। इसे एक ही छत की नीचे होना चाहिए। इसके लिए सिविल सर्जन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी।
डॉ. जीएस पटेल, डीन
Published on:
12 Feb 2018 02:21 pm
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