
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शनिवार को आसमान में छाए बादल शाम को बरस पड़े। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से सोमला, जैसीनगर, गौरझामर और आसपास के क्षेत्रों में किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद कर दी। खेतों में अब भी गेहूं की 25 फीसदी फसल है। वहीं शहर में शाम से शुरू हुआ बारिश और ओलावृष्टि का दौर रुक-रुककर देर रात तक जारी रहा। कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को एक दिन में 8 मिमी तक बारिश हो गई। मौसम बदलने से बिजली व्यवस्था भी चौपट रही। रेलवे स्टेशन और निचले इलाकों में कीचढ़ और पानी का जमाव हो गया।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अगले दो दिनों तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा-आंधी चल सकती है। इसके अलावा 7 अप्रेल से एक पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय होगा। इसके असर से 10 अप्रेल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश हो सकती है। उसके बाद सिस्टम लौट जाएगा। अप्रेल के दूसरे पखवाड़े में तापमान में वृद्धि होगी।
शहर में सुबह से निकल रही तेज धूप लोगों को परेशान कर रहे है। शाम के समय बादल और बारिश से मौसम में ठंडक है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य 1 डिग्री अधिक 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम के समय 54 किमी प्रति घंटा रफ्तार के साथ हवाएं चली। 4.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका है। कृषि विभाग जिलेभर में बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर रहे है। शनिवार को जिलेभर में बारिश, बूंदाबांदी की और तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। गनीमत है कि रबी सीजन की अधिकांश फसलें किसानों ने काट लीं हैं, देरी से बोवनी होने वाले गेहूं का कुछ रकबा ही बचा हुआ था, जो अभी भी खेतों में है। बारिश से गेहूं की चमक फीकी पडऩे की आशंका जताई जा रही है। जैसीनगर, सुरखी, बंडा, शाहगढ़ क्षेत्र से फसलों को नुकसान होने की सूचनाएं कृषि विभाग अधिकारियों के पास पहुंची हैं। इसके पहले बीते सप्ताह हुई बारिश से खुरई, बीना, मालथौन, बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था। रहली, देवरी में भी आंशिक नुकसान की खबर है। जिले में करीब 3 लाख 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी थी, जिसमें से अब करीब 40 हजार हेक्टेयर की फसल ही शेष थी।
-सबसे ज्यादा दिन का तापमान 44.4 डिग्री 18 अप्रेल 2010 को दर्ज किया गया था।
-सबसे कम रात का तापमान 10.6 डिग्री 8 अप्रेल 1926 को दर्ज हुआ था।
-सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा 86 4 मिमी सन 1994 को दर्ज हुई थी।
साल बारिश मिमी में
2016 - 0
2017 - 0
2018 - 2.8
2019 - 44
2020 - 2.5
2021 - 1.4
2022 - 0
2023 - 28.9
2024 - 45.7
2025 - 2.5
Published on:
05 Apr 2026 05:27 pm
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