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डेढ़ किमी लंबी बारात में नृत्यों ने बांधा समां, चलित झांकियां रहीं आकर्षक का केन्द्र, देखने के लिए उमड़ी भीड़

बीना में आई निकली में बारात ढोल नगाड़े, ऊंट, घोड़े हुए शामिल, शहर हुआ श्रीराममय

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Dances enthralled the one and a half kilometer long procession, moving tableaux were the center of attraction.

श्रीराम बारात देखने उमड़े श्रद्धालु

बीना. शहर का सबसे बड़ा आयोजन श्रीराम महाबारात का लोगों को पूरे वर्ष इंतजार रहता है और विवाह पंचमी पर शुक्रवार को निकली बारात को देखने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सड़क, मकान के छत कहीं खड़े होने के लिए भी जगह नहीं थी। सुबह से ही लोग जगह-जगह बैठ गए थे, जो पूरी बारात देखने के बाद भंडारे में शामिल होने पहुंचे। विवाह महोत्सव को लेकर शहर को कई दिनों पहले से सजाया जा रहा था। भगवान के विवाह में पूरा क्षेत्र श्रीराममय हो गया था।
खिरिया वार्ड स्थित श्रीरामनाम सिद्ध पीठ पर सुबह भगवान का पूजन कर 100 से ज्यादा विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। दोपहर में महाबारात शुरू हुई, जो सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी तिराहा, महावीर चौक, कच्चा रोड होते हुए श्रीरामनाम सिद्ध पीठ पर संपन्न हुई। करीब डेढ़ किमी लंबी भव्य महाबारात में करीब साठ हजार श्रद्धालु शामिल हुए, जिसमें सबसे आगे नगाड़े बज रहे थे और इसके पीछे युवक भगवा ध्वज लेकर चल रहे थे। घोड़ों पर सवार युवक सूर्य चिंह, ध्वज लेकर बैठे थे। नाचने वाले ऊंट और घोड़ा आकर्षण का केन्द्र रहे। पालकी भगवान की चरण पादुका विराजित की गई थीं और पीछे रथ पर श्रीरामनाम महाराज विराजमान थे। तोप से भगवान के ऊपर पुष्प वर्षा की गई। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए कलश रखकर चल रही थीं। श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और श्रीरामनाम महाराज का भी पूजन किया गया। बारात में करीब साठ हजार श्रद्धालु शामिल हुए, जो भगवान के दर्शनों के लिए आतुर थे। पुलिस, प्रशासन सुरक्षा में मुस्तैद रहा, जिससे शांतिपूर्ण तरीके से बारात संपन्न हुई। नरसिंह मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जहां बारात में शामिल हुए श्रद्धालुओं सहित शहरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।

चलित झांकी में शिवजी ने किया त्रिपुरासुर का वध
बदनावर और बडऩगर से आईं चलित झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। भगवान भोलेनाथ त्रिपुरासुर का वध करते हुए दिखे, तो दूसरी झांकी में सती प्रसंग दिखाया गया। भगवान की गोवर्धन लीला भी झांकी में दिखाई गई, जिसमें उंगली पर पर्वत उठाया और मीरा की भक्ति, राधा का प्रेम, हरि मिलन सहित भगवान श्री गणेश विवाह महोत्सव दिखाया गया।

अघोरी नृत्य ने बांधा समां
बारात में दिल्ली, ओडिशा, पंजाब के कलाकारों ने समां बांधा। दिल्ली से आए अघोरी नृत्य की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उज्जैन से आए मयूरी नृत्य देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। दिल्ली से आईं सिंहासन वाली काली ने नृत्य किया। पंजाब के बैगपाइपर बैंड, ढोल और 80 युवतियों के गु्रप ने गरबा की प्रस्तुति दी। इसके अलावा बग्घियों पर भगवान की झांकियां सजाई गई थीं, जिसमें श्री गणेश, श्रीराम दरबार सहित अन्य भगवान की झांकियां थीं। उड़ते हुए हनुमान जी ने लोगों को खूब केले बांटे। जबलपुर से आए बैंड कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध करने दिया।

रीति रिवाजों के साथ हुआ विवाह संपन्न
शाम का बारात के समापन पर श्रीरामनाम सिद्ध पीठ पर रीति रिवाजों के साथ भगवान श्रीराम और जानकी का विवाह संपन्न कराया गया। भगवान की पांव पखराई, भांवर सहित अन्य रस्में हुईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, इसके बाद इंदौर से आई बारात की विदाई हुई।

जगह-जगह हुआ बारात का स्वागत
बारात का स्वागत करने के लिए जगह-जगह लोगों ने स्टॉल लगाकर स्वागत किया। चौराहे पर जेसीबी पर खड़े होकर पुष्प वर्षा की गई, तो विधायक निर्मला सप्रे ने भी कार्यकर्ताओं के साथ पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके अलावा पानी, चाय, हलवा, फल सहित अन्य सामग्री वितरित किए।

श्री कटरा मंदिर पर भी हुआ आयोजन
श्रीरामनाम सिद्ध पीठ के साथ-साथ नगर श्री कटरा मंदिर स्थित श्रीराम दरबार में भी धूमधाम से विवाह महोत्सव मनाया गया। भक्तों ने मंदिर को फूलों और बिजली की लडिय़ों से सजाया था। भगवान के विवाह गीत भी गाए और भक्त झूमते हुए नजर आए।