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भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करती है : देवदास महाराज

जब भक्त सुख-दुख, हानि-लाभ, कष्ट और आनंद में भगवान राम का स्मरण करता है तो उसे हर हालत में आना ही पड़ता है।

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Reshu Jain

Feb 22, 2023

सागर.जब भक्त सुख-दुख, हानि-लाभ, कष्ट और आनंद में भगवान राम का स्मरण करता है तो उसे हर हालत में आना ही पड़ता है। वह परमात्मा जिसे देवी,देवता,ऋ षि, मुनि प्राप्त नहीं कर पाते उसे सच्ची भक्ति से भक्त प्राप्त कर लेते हैं। भगवान न केवल भक्तों के पास आते हैं बल्कि उनकी इच्छा के अनुसार सुख भी देते हैं। यह बात संत देवदास महाराज ने बमोरी रेगवा स्थित और पंडित अजय दुबे के कृषि फार्म पर आयोजित महालक्ष्मी महायज्ञ विग्रह प्राण प्रतिष्ठा एवं दिव्य सत्संग में बुधवार को कही।

महाराज ने कहा कि राम के बिना कुछ नहीं है। राम ही जीवन है। भगवान शंकर ने भी राम को ईस्ट माना है। राम पतित के पावन हैं। जितना भी हो सके भगवान राम का जाप करें। उन्होंने कहा कि राम सहज और सरल हैं । जो राम का स्मरण करता है, ध्यान करता है राम उसके हृदय में रहते हैं। देवदास महाराज ने कहा कि परमात्मा सृष्टि का पालन करने वाला है। प्रत्येक वस्तु का उसमें निवास है। जीवन से लेकर मरण तक सभी अवस्थाएं उस में विलीन हो जाती हैं। यज्ञ के मुख्य यजमान साधना अजय दुबे ,शिवानी संजय दुबे, डॉ. प्रतिभा, डॉ. अनिल तिवारी, मनीष सोनी, डॉ. रामचंद्र शर्मा, गोलू अग्रवाल ने नौ कुंडों में अलग-अलग बैठकर महालक्ष्मी यज्ञ में मंत्रोच्चार के बीच आहुति दी। यज्ञ विधान की क्रियांए राम चरण शास्त्री, हरि महाराज, वृंदावन धाम से पधारे पं. केशव महाराज, अमित शास्त्री, संतोष तिवारी और कुंज बिहारी शुक्ला द्वारा कराई गई।

महालक्ष्मी यज्ञ की बताई महिमापंडित राम चरण शास्त्री ने बताया कि यज्ञ में प्रथम प्रधान कुंड सभी मनोकामना की पूर्ती के लिए होता है। द्वितीय कुंड पुत्र प्राप्ति के लिए है। तृतीय कुंड आचार्य ज्ञान प्राप्ति के लिए होता है। चतुर्थ त्रिकोण कुंड शत्रु पर विजय के लिए होता है। पंचम व्रत कुंड होता है ,जो व्यापार वृद्धि में सहायक है। छठवां कुंड अर्धचंद्र होता है। जिसमें हवन करने से अशांत मन को शांती मिलती है। सातवां कुंड सम अष्टक, विषम अष्टक,षडाष्टक कुंड लक्ष्मी प्राप्ति के लिए होता है एवं नौंवा कुंड भी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए होता है। यज्ञ में शिव प्रसाद तिवारी, अभिषेक शर्मा, निर्भय सिंह, सुशील रामकृष्ण तिवारी, अमित कटारे, राम शर्मा, सुखदेव मिश्रा, अरविंद दुबे, अंकित दुबे, देवव्रत शुक्ला, श्याम मनोहर पचौरी, कुलदीप दुबे, शिव नारायण शास्त्री, मुरारी नायक, अभिषेक शर्मा और श्याम पचौरी सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।