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वाटर बूथ के ऊपर मंडरा रहा खतरा, सीलिंग गिरी तो हो सकता है हादसा

85 लाख से बने ट्रामा सेटर में खुली भ्रष्टाचार की पोल

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Dead and retired Doctor in MP Health Department List

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सागर. जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर अभी शुरू भी नहीं हुआ है कि बिल्डिंग जर्जर होने लगी है। शासन ने 85 लाख रुपए खर्च कर भवन तैयार कराया था, लेकिन ठेकेदारों ने इसमें इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया कि यह भवन अब मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है।
घटिया निर्माण से कई हिस्सों में गहरी दरारें पड़ गई हैं। देखकर लगता है कि कभी भी यहां की सीलिंग ढह सकती है। ज्यादा नुकसान वाटर बूथ के ऊपर हुआ है। इस वाटर बूथ पर मरीज और उनके परिजन पानी भरने के पहुंचते हैं। सीलिंग का काफी हिस्सा पानी भरने के कारण जर्जर हो चुका है, जो कभी भी ढह सकता है। मरीजों की मौजूदगी के बीच यदि छज्जा गिरा तो मरीजों की जान आफत में पड़ सकती है।
डायरेक्टर जैन ने घटिया निर्माण पर फटकारा था
डेढ़ साल पहले निर्माण के दौरान एनएचएम के डायरेक्टर पंकज जैन जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आए थे, तब उन्होंने ट्रामा यूनिट में घटिया काम देखकर ठेकेदार और अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई थी। घटिया तरीके से लगाए गए टायल्स को उन्होंने नए सिरे से लगाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान ठेकेदार को भी हटाने का फरमान जारी किया गया था। बाद में प्रबंधन ने यह काम दूसरे ठेकेदार को दिया, लेकिन फिर भी हालत ज्यादा नहीं बदले हैं। डी मर्जर के बाद से लगातार अव्यवस्थाएं सामने आ रहीं हैं। लोग सुबह से ही ओपीडी में कतार लगाए रहते हैं। कई बार डॉक्टर भी समय पर उपस्थित नहीं होते हैं इससे मरीज दिनभर परेशान होते हैं। कई बार लोग निराश होकर चले भी जाते हैं।
मरम्मत कराएंगे
- मैनें आज ट्रामा यूनिट का जायजा लिया था। जहां ज्वाइंट में दरार दिखी है। अभी पीडब्ल्यूडी का अस्पताल में काम चल रहा है। उन्हीं से इसकी मरम्मत का काम कराता हूं।
डॉ. इंद्राज सिंह, सीएमएचओ