
Dr. Hari Singh Ghaur Central University Hostel
सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि के बॉयज हॉस्टलों में सीनियर छात्रों के लिए रहने नहीं मिल रहा है। नए सत्र में नए छात्रों को पहले प्रवेश दिए जाने के कारण अधिकांश हॉस्टल इन्हीं छात्रों से भर गए हैं। एेसे में अब सीनियर छात्रों को बाहर किराए के मकान लेकर रहना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि तीन साल पहले बनाए जा रहे न्यू बॉयज हॉस्टल का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 2016-17 में इसे पूर्ण तैयार हो जाना चाहिए था। वहीं, निर्माण एजेंसी भी भवन तैयार करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। न्यू बॉयज हॉस्टल में 9 सौ छात्रों के रहने के लिए भवन निर्माण का काम वर्ष 2014-15 में शुरू हुआ था। छह महीने पहले यहां तक करीब 200 कमरे ही बन पाए थे। भवन निर्माण कछुआ चाल से होने से विद्यार्थियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कमल के आकार का है हॉस्टल
यह हॉस्टल विवि में बने पांच पुराने हॉस्टल से बिल्कुल अलग तरह से तैयार किया जा रहा है। इसकी ड्राइंग कमल के आकार की बनाई जा रही है। इसमें 900 कमरे बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि एक कमरे में एक छात्र रहेगा। वहीं, टीवी हॉल और अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
एजेंसी को हटाया
जानकारी के अनुसार हालही में पुरानी एजेंसी ने काम बंद कर दिया था। उसकी जगह प्रबंधन ने नई कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा है। अभी कमल की छह में से चार पंखियां ही तैयार हो पाई हैं। दो का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। निर्माण पूरा होने में अभी छह से एक साल तक का वक्त लगा सकता है।
पीजी के कमरे खाली
हालांकि हॉस्टल में अभी कमरे खाली पड़े हुए हैं, यूजी के सीनियर छात्रों को इन कमरों में शिफ्ट किया जा सकता है। छात्रों ने भी इनमें शिफ्ट करने की मांग की है।
Published on:
18 Aug 2018 09:54 am
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