
Dussehri and Chausa mangoes coming from UP are adding sweetness
सागर. शहर के बाजार में इन दिनों आम की बहार है। आम का सीजन आते ही बाजार में कई वैरायटी के आम आने लगते हैं। इनमें नीलम छोटा आम, तोता कलमी आम और बादाम आम बेंगलूर से आते हैं। साउथ से आने वाले आम सीजन की शुरूआत में ही बाजार में आ जाते हैं। इन दिनों बाजार में आगरा एवं कानपुर से दशहरी, चोसा और फजली आम आ रहा है। थोक विक्रेताओं के अनुसार शहर में रोज करीब 20 टन आम की खपत हो रही है। मार्च से आम की आवक शुरू हो जाती है जो रक्षाबंधन तक चलती है। करीब एक माह तक आमों की आवक होगी, इसके बाद आम आना बंद हो जाएंगे। शुरूआत में अप्रेल-मई में आम 60 से 80 रुपए किलो थोक बाजार में बिक रहा था। अब अच्छी आवक होने से बारिश में आम जल्दी खराब होने से रेट कम हो गए हैं। थोक बाजार में आम 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि फुटकर बाजार में इनकी कीमत 50 रुपए प्रति किलो है। सबसे ज्यादा दशहरी आम को पसंद किया जाता है।
मिठास से भरपूर है दशहरी
थोक व्यापारी राजकुमार धमोचा ने बताया कि दशहरी आमों की तुलना में बहुत ज्यादा मीठा होता है। लंबे समय तक चलने वाले इस आम में मिठास भरपूर होने के कारण सागर के लोग इसे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। स्वाद में बेहतरीन होने के कारण इसकी बिक्री भी और आमों के मुकाबले जबरदस्त होती है। सागर में करीब 20 टन आम की खपत होती है। जिसमें 10 टन से ज्यादा दशहरी आम की मांग है।
देसी आम 30 से 40 रुपए किलो
आचार के लिए देसी आम की भी मांग इन दिनों बाजार में है। बड़ी साइज का आम 40 रुपए से 50 किलो रुपए मिल रहा है। कृषि वैज्ञानिक केएस यादव ने बताया कि जिले के लिए अलग-अलग इलाकों से कच्छा आम आता है। इसके अलावा महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश से बाजार में कच्चा आम आ रहा है। बारिश में आचार और अमचूर के लिए कच्चे आम की मांग बढ़ जाती है।
22 जुलाई को मनाते हैं मैंगो डे
आम की पैदावार के मामले में भारत दुनिया का सरताज है। दुनियाभर में आम की करीब 1400 किस्में पाई जाती हैं, इसमें से करीब 1000 के आसपास की किस्में भारत में पैदा की जाती हैं। भारत में लंगड़ा, दशहरी, तोतापरी, सफेदा, चौसा, अल्फांसो आदि तमाम तरह के आम बिकते हैं। दुनियाभर में आम की लोकप्रियता को देखते हुए हर साल 22 जुलाई को नेशनल मैंगो डे मनाया जाता है।
Published on:
22 Jul 2023 06:41 pm
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