
sagar
डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्थापित गौर पीठ के दानदाताओं एवं गौर पीठ समन्वय समिति की एक संयुक्त बैठक गौर समिति कक्ष में आयोजित हुई। इस अवसर पर पूर्व सांसद डॉ. लक्ष्मीनारायण यादव ने कहा कि डॉ. गौर ने अपने स्वयं के प्रयास और राशि से इस विश्वविद्यालय की स्थापना की। उनके नाम पर स्थापित पीठ के संचालन के लिए शहर के प्रबुद्ध नागरिक, व्यवसायी, जनप्रतिनिधि सभी इसमें सहयोग करें ताकि डॉ. गौर को स्मृति में रखते हुए उनके संकल्पों एवं उनके सामाजिक और साहित्यिक योगदानों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सक्षम नागरिक जो डॉ. गौर को भारत रत्न जैसे सम्मान दिलाने की आकांक्षा रखते हैं, उन सबको मिलकर एक साथ आगे आना चाहिए। गौर पीठ के उत्तरोत्तर उन्नयन में सहयोग करना चाहिए। सरस्वती वाचनालय के संरक्षक डॉ. शुकदेव तिवारी ने गौर पीठ को समृद्ध बनाने की अपील की और कई सुझाव दिए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि डॉ. गौर के संकल्पों को पूरा करने और उनको भारत रत्न सम्मान दिलाने की दिशा में विश्वविद्यालय अपनी भूमिका निभा रहा है। गौर पीठ को और अधिक समृद्ध करने के लिए कई और समितियों का गठन किया जाएगा, जो जनता के बीच सक्रिय रहेंगी।
प्रो. पाटिल ने दी एक लाख की राशि
विवि के फार्मेसी विभाग के प्रो. यूके पाटिल ने एक लाख रुपए की राशि गौर पीठ को प्रदान की। यह राशि उन्होंने चेक के माध्यम से कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता को सौंपी। गौर पीठ में संचित राशि से होने वाली आय से विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्राओं को एक मुश्त छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह छात्रवृत्ति सिंगल गर्ल चाइल्ड और दिव्यांग छात्राओं को प्रदान की जाएगी। बैठक में प्रो. आरके नामदेव, प्रो. पीके कठल, प्रो. जेके जैन, मुनींद्र कुमार प्रजापति, डॉ. अक्षय जैन, प्रो. यूके पाटिल उपस्थित रहे। बैठक में स्वागत गौर पीठ के समन्वयक प्रो. नवीन कानगो ने किया।
Published on:
01 Mar 2025 05:44 pm
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
