2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कृषि में पेस्टिसाइड व अत्यधिक दवाइयों की रोकथाम के लिए हुई कार्यशाला

वन हेल्थ एंड एग्रो इकोलॉजी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डॉ. गौर विवि सभागार में किया गया।

less than 1 minute read
Google source verification

सागर

image

Rizwan ansari

Mar 02, 2025

sagar

sagar

कृषि में पेस्टिसाइड व अत्यधिक दवाइयों के उपयोग से मानव जीवन पर होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वन हेल्थ एंड एग्रो इकोलॉजी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डॉ. गौर विवि सभागार में किया गया। केंद्र सरकार के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्रदेश के विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से वन हेल्थ एवं एग्रो इकोलॉजी प्रोजेक्ट लागू किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत सागर जिले से की गई है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य मानव, पशु, कृषि और पर्यावरण को संतुलित बनाना है। कार्यशाला में बताया गया कि कृषि एवं पशुपालन में उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न रसायनिक पेस्टिसाइड एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने विभिन्न दवाइयां का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत जिले के बंडा एवं रहली ब्लाक के 20- 20 गांव को शामिल किया गया है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन, कृषि, वन, स्वास्थ्य, पर्यावरण विभाग के अधिकारी कर्मचारी पहुंचकर किसानों को कृमि नाशक दवाओं, पेस्टिसाइड, रासायनिक खाद से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताएंगे एवं अनुसंधान भी करेंगे। लगभग 8 माह के इस पायलट प्रोजेक्ट की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। कार्यशाला में संयुक्त संचालक डॉ. जीके वर्मा , डॉ. अजय रामटेके एवं डॉ. बकुल लाड अतिरिक्त संचालक उपस्थित थे। संचालन पी राजपूत ने किया।