विश्वविद्यालय में स्वर्णिम धरोहर का शुभारंभ
सागर . डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय उनकी आपसी सहायतार्थ एवं सेवार्थ एक प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। इस प्रकोष्ठ को स्वर्णिम धरोहर का नाम दिया गया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि आज जो वरिष्ठ नागरिक हैं वो कभी इस देश-प्रदेश के विकास की धुरी भी रहे हैं। इनके पास कार्य करने का लंबा अनुभव है, ज्ञान है और जज्बा है। वर्तमान में युवा पीढ़ी को इनसे सीखना चाहिए और इनके अनुभव का लाभ भी लेना चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर इस बात को दोहराया कि वृद्धजन सुसंस्कारित समाज की नींव हैं। वरिष्ठ नागरिक जनों के लिए विश्वविद्यालय में एक ऐसा प्रकोष्ठ स्थापित किया जाना चाहिए जो इनके लिये सतत कार्य करे। स्वर्णिम धरोहर प्रकोष्ठ के समन्वयक एवं भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. विनोद भारद्वाज ने बताया कि इस वरिष्ठ नागरिकजन समागम प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्षभर के कार्यक्रमों का एक कैलेंडर तैयार किया जा रहा है, जिसमें सहायता के लिए कुछ स्थानीय वरिष्ठ नागरिक को सहयोग मंडल के रूपमें भी लिया गया है। सहयोग मंडल में लिए गए सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष रहेगा। प्रो. भारद्वाज ने बताया कि इस प्रकोष्ठ के लिए कुलपति ने एक टीम का गठन किया गया है।उद्घाटन कार्यक्रम में सबसे पहले योगगुरु विष्णु आर्य ने योग व ध्यान करवाया। विश्वविद्यालय के संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में शोधार्थी तेजस, स्तुति एवं संस्कृति ने भजन प्रभात कार्यक्रम प्रस्तुति दी। संचालन डॉ. दीपिका वशिष्ठ ने किया। आभार डॉ. शिवानी मीना ने माना।