
दूसरे शेड से आ रहे उजाले में काम करते हुए कर्मचारी
बीना. रेलवे मेमू शेड में इन दिनों ने अव्यवस्थाओं के कारण कर्मचारियों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर रात के समय कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान काम करने वाले कर्मचारियों के साथ घटना होने का भी डर बना रहता है।
दरअसल रेलवे ने लाखों रुपए की लागत से दो मेमू शेड का निर्माण पश्चिमी रेलवे कॉलोनी की ओर कराया है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को काम करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों से कई बार यहां पर लाइट लगाने के लिए कह चुके है लेकिन फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि यह पूरा मामला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा भी है। यहां पर दो शेड है, जिसमें एक शेड में तो लाइट लगाई गई हैं, जिसमें कुछ खराब हो चुकी हैं। वहीं, दूसरे शेड में तो लाइट लगाने के लिए फिटिंग भी नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मेमू टे्रन में ज्यादा दिक्कत आ जाती है, जिसका सुधार करना रात में ही जरूरी रहता है, जिससे समय ज्यादा लगता है और पर्याप्त उजाला न होने से दिक्कत होती है। यहां पर व्यवस्थाएं बनाने की जिम्मेदारी मेमू शेड (डी) की है।
13 मेमू ट्रेन होता है यहां पर मेंटेनेंस
मेमू शेड में वर्तमान में बीना से चलने वाली 13 मेमू ट्रेन का मेंटेनेंस किया जाता है, जिसमें 24 घंटे इमरजेंसी सेवा के रूप में कर्मचारी काम करते हैं। यहां पर जरूरी है कि उनकी सुरक्षा व सुविधा का भी ध्यान रखा जाए। कर्मचारियों का कहना है जो काम दिन में करना होता है, उसमें तो कोई दिक्कत नहीं होती है, लेकिन जो काम जरूरी होता है उसे रात में ही करना पड़ता है।
जोन में केवल बीना में है मेमू शेड
पमरे में केवल बीना जंक्शन पर ही मेमू शेड की व्यवस्था है। जहां पर मेमू टे्रन का सुधार कार्य किया जाता है। साथ ही लोकल यात्रा के लिए उनकी सुविधा के लिए अलग-अलग रूट पर आइसीएफ कोच की जगह पर मेमू टे्रन चलाई जा रही है, ताकि समय के साथ यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा कराई जा सके। इसके लिए जंक्शन पर मेमू शेड बनाया गया है।
Published on:
30 Dec 2024 11:56 am
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